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गोपाष्टमी महोत्सव पर हास्य व्यंग्य कवि सम्मेलन का आयोजन

लाइव खगड़िया (मुकेश कुमार मिश्र) : अखिल भारतीय अंगिका साहित्य कला मंच के बैनर तले खगड़िया गौशाला के 135 वें गोपाष्टमी महोत्सव के अवसर पर हास्य व्यंग्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में खगड़िया के विधायक छत्रपति यादव, विशिष्ट अतिथि के तौर पर गौशाला के सचिव प्रदीप दहलान उपस्थित थे. कार्यक्रम की अध्यक्षता नंदेश निर्मल एवं संचालन के के चौधरी ने किया. कार्यक्रम की शुरुआत स्मृति शेष कैलाश झा किंकर के द्वारा रचित सरस्वती वंदना से की गई. वहीं नंदेश निर्मल ने कैलाश झा किंकर को याद करते हुए कहा कि गौशाला मेला के कवि सम्मेलन की शुरुआत 2000 से हुई थी और उस वक्त ही हिन्दी भाषा साहित्य परिषद खगड़िया का गठन हुआ था.वहीं विधायक छत्रपति यादव ने कवि कैलाश झा किंकर को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनकी याद में एक भव्य आयोजन किया जाए. जिसके लिए उन्होंने हर तरह से सहयोग करने का आश्वासन दिया.

कार्यक्रम के दौरान गाय और गोपालन के इतिहास पर चंद्रशेखरम ने अपनी बात रखी. आगत अतिथियों के भाषण के बाद हास्य व्यंग्य कवि सम्मेलन की शुरुआत हुई जो रात के एक बजे तक चलता रहा. कवि सम्मेलन में भाग लेने वाले कवियों में सच्चिदानंद पाठक ने परसौती ढाला कविता से शुरुआत की. साथ ही गाय पर कविता से वे लोगों को भावविभोर कर दिए. बाद में हास्य व्यंग्य की कविता से गुदगुदाने वाले कवियों में हीरालाल साहनी, सोहन कुमार सिन्हा, इन्द्रदेव ने एक से बढ़कर एक गीत प्रस्तुत किया. इस दौरान ‘मांझी रे ले चल’ श्रोता भी गुनगुनाने लगे. वहीं प्रफुल्ल कुमार मिश्र के बाद विनोद कुमार हंसौडा़ ने दस मिनट में सम्पूर्ण रामायण का काव्य रूपांतरण गाया तो श्रोता झूम उठे.

कार्यक्रम में कविता पाठ करने वाले कवियों में झोली पासवान,अमर शंकर था सुब्बा, स्वराक्षी स्वरा, चम्पा राय, नंदेश निर्मल, कामरान अल्वी, शंकरानंद, साथी सुरेश सूर्य, रामकृष्ण आनंद आदि प्रमुख थे. वहीं संध्या किंकर, रविशंकर सिंह, विजय कुमार, हेमंत, शशि शेखर आदि के सहयोग से आगत अतिथियों को सम्मानित किया गया. जबकि धन्यवाद ज्ञापन अध्यक्ष नंदेश निर्मल ने किया.

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