Breaking News
IMG 20211217 WA0000

जिला परिषद अध्यक्ष की कुर्सी के लिए कृष्णा कुमारी यादव ने झोंकी ताकत

IMG 20211212 195206 352

लाइव खगड़िया (मनीष कुमार) : जिले की राजनीति में किंग मेकर की भूमिका अदा करने वाले चर्चित पूर्व विधायक रणवीर यादव की रणनीति एक बार फिर कामयाब होती दिख रही हैै और सूत्रों पर यदि विश्वास करें तो उनकी पत्नी कृष्णा कुमारी यादव फिर से जिला परिषद अध्यक्ष की कुर्सी के रेस में आगे चल रही है. हलांकि राजनीतिक बिसात पर शह व मात का खेल जारी है. बताया जाता है कि जिला परिषद अध्यक्ष पद के लिए मुख्य रूप से दो जिला परिषद सदस्यों के बीच रेस है. जिसमें जिप के पूर्व अध्यक्ष कृष्णा कुमारी यादव एवं निकिता भारती का नाम शामिल है. राजनीतिक गलियारे में चल रही चर्चाओं पर यदि एतबार करें तो शिक्षक नेता मनीष कुमार सिंह की पत्नी प्रियदर्शना सिंह ने भी पहले रेस में शामिल होने का प्रयास किया था. लेकिन अब वे निकिता भारती का समर्थन में उतर आईं हैं. निकिता भारती जिले के मानसी प्रखंड के सैदपुर निवासी दीपक कुमार की पत्नी हैं और पहली बार जिला परिषद सदस्य पद पर निर्वाचित हुई हैं. जबकि कृष्णा कुमारी यादव वर्ष 2011 से 2016 तक जिला परिषद अध्यक्ष की कुर्सी पर काबिज रह चुकी हैं .




जिला परिषद के पूर्व अध्यक्ष कृष्णा कुमारी यादव खगड़िया लोकसभा क्षेत्र से 2014 में राजद की उम्मीदवार भी रही थी. जबकि 2019 के लोकसभा चुनाव में भी वे राजद से टिकट की दौड़ में शामिल थीं. लेकिन अंतिम वक्त में यह सीट महागठबंधन के वीआईपी के कोटे में चली गई. जो कि कृष्णा कुमारी यादव के राजनीतिक सफर का एक बड़ा आघात था और उस वक्त उनके समर्थकों में मायूसी छा गई थी. इस बीच कृष्णा कुमारी यादव को अपने राजनीतिक सफर में कई उतार-चढ़ाव से भी गुजरना पड़ा. परिस्थियां कुछ ऐसी उभरी कि कुछ वक्त के लिए उन्हें राजद भी छोड़ना पड़ा था. बावजूद इसके वे संघर्ष पथ पर चलती रही. बहरहाल जिप अध्यक्ष पद की रेस में कौन बाजी मारता है, यह तो वक्त ही बतायेगा. लेकिन खबर है कि कृष्णा कुमारी यादव अपने समर्थक 11 जिला परिषद सदस्य के साथ सुरक्षित स्थान के लिए निकल चुकी है. कहा तो यहां तक जा रहा है कि उन्हें कई अन्य जिप सदस्यों का भी समर्थन मिल रहा है.


Check Also

IMG 20260116 224421

मेडिकल संस्थान में पुलिसिया कार्रवाई पर उठे सवाल, क्या नियमों को ताक पर रखकर की गई ‘जांच’?

मेडिकल संस्थान में पुलिसिया कार्रवाई पर उठे सवाल, क्या नियमों को ताक पर रखकर की गई 'जांच'?

error: Content is protected !!