लाइव खगड़िया (मनीष कुमार) : केन्द्र सरकार द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य में मामूली बढ़ोत्तरी पर बिहार किसान मंच के प्रदेश अध्यक्ष धीरेंद्र सिंह टुडू ने आक्रोश व्यक्त किया है.
उन्होंने कहा है कि पिछले साल धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 1868 रुपया था. जिसमें इस वर्ष मात्र 72 रूपए प्रति क्विंटल यानी 72 पैसे प्रति किलो की बढ़ोत्तरी की गई है, इसी तरह पिछले साल मक्का का न्यूनतम समर्थन मूल्य 1850 ऱूपए प्रति क्विंटल था. इसमें भी इस वर्ष मात्र 20 रूपए प्रति क्विंटल यानी 20 पैसे किलो की बढ़ोत्तरी हुई है. साथ ही उन्होंने कहा है कि यह बढ़ोत्तरी ऊंट के मुंह में जीरा के समान भी नहीं है और इससे किसानों के दिल पर चोट पहुंची है.
किसान नेता ने कहा है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य के तुलना में डीजल, खाद, बीज, कीटनाशक दवाई, खेत की जोताई, श्रम शक्ति की कीमत बढ़ गया है. जिसके कारण किसान सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य से खुश नहीं हैं और इससेकिसानो का आय दो गुनी नहीं हो सकती है. उन्होंनेलागत के अनुपात में डेढ़ गुना न्यूनतम समर्थन मूल्य की मांग सरकार से करते हुए कहा है कि ऐसा नहीं होने पर किसान संघर्ष गांव और कस्बे से संघर्ष शुरू करने को बाध्य हो जायेंगे.
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