लाइव खगड़िया (मनीष कुमार) : मामला वरीय अधिकारी के संज्ञान चले जाने के बाद सिस्टम कितनी तेजी से एक्टिव हो जाता है, इसकी एक बानगी सामने आया है. इरादा गर नेक हो तो उस समस्या का भी समाधान रात के अंधेरे में निकल आता है, जिसका दिन में भी निदान नहीं निकलने का लोग अमूमन अनुमान लगा लेते हैं. लेकिन हुआ…जो धुंआ दिन से आंखें ततेरता हुआ प्रदूषण को कम करने के अभियान को ठेंगा दिखाते हुए लोगों की परेशानी बढ़ा रहा था, वो सिस्टम के जगने के बाद रात के अंधेरे में ही पानी-पानी हो गया.
दरअसल मामला जिले के सदर प्रखंड के माड़र गांव का था. जहां के मस्जिद के समीप कचरे में लगी आग से उठता हुआ धुंआ स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ा गया था. साथ ही आस-पास के लोग चिंगारी के घर तक पहुंच जाने के अंदेशा से भय के साये में थे. बताया जाता है कि यह सिलसिला विगत दो दिनों से जारी था और स्थानीय लोगों के द्वारा कचरे में लगी आग को अपने स्तर से बुझाने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली.
दूसरी तरफ कचरे से उठ रहा धुंआ का मामला सोशल साइट को भी धुंआ-धुंआ करने लगा. स्थानीय एक व्यक्ति ने अपनी परेशानी का इजहार करते हुए तो यहां तक लिख डाला कि ‘धुएं की वजह से उन्हें सांस लेने में परेशानी बढ रही है’.
एक वाट्सएप ग्रुप के माध्यम से मामला अनुमंडल पदाधिकारी से लेकर जिला अधिकारी आलोक रंजन घोष तक पहुंच गया और फिर मच गई प्रशासनिक महकमे में हलचल. जिसके उपरांत रात के अंधेरे में उक्त स्थल पर दमकल पहुंचा और कचरे में लगी आग को बुझाया गया. यह जानकारी खुद जिलाधिकारी के द्वारा वाट्सएप ग्रुप पर दी गई. साथ ही प्रशासनिक पहल पर शिकायतकर्ता द्वारा आभार प्रकट किये जाने के बाद डीएम नसीहत देना भी नहीं भूले. उन्होंने लिखा ‘ठीक से रहें, मास्क का व्यवहार अवश्य करें’.
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