लाइव खगड़िया (मनीष कुमार) : ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन के आह्वान पर विभिन्न मांगों को लेकर मंगलवार को छात्रों ने समाहरणालय के समीम रोषपूर्ण प्रदर्शन किया. रेलवे, बैंक, बीमा एवं अन्य सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण पर रोक लगाने, कोरोना महामारी काल में परीक्षा पर रोक लगाने व छात्रों को प्रमोट करने, 6 महीने का स्कूल फीस, रूम रेंट व बिजली बिल माफ करने एवं शिक्षा व रोजगार को लेकर किए जा रहे प्रदर्शन का नेतृत्व एआईएसएफ के जिला सचिव रजनीकांत कुमार ने किया. इसके पूर्व छात्रों ने शहर के एआईएसएफ कार्यालय योगीन्द्र भवन से हाथ में बैनर तख्ती एवं झंडे के साथ जुलूश की शक्ल में दूरभाष केंद्र चौक होते हुए समाहरणालय पहुंचें. जिसके उपरांत समाहरणालय के मुख्य द्वार को जाम कर राज्य एवं केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी किया.
मौके पर एआईएसएफ के जिलाध्यक्ष अभिषेक कुमार की अध्यक्षता में एक सभा का भी आयोजन किया गया. मौके पर उन्होंने संबोधित करते हुए कहा कि सरकार का इरादा तमाम सार्वजनिक उपक्रमों का निजीकरण कर उसे बड़े-बड़े पूंजीपतियों के हाथों गिरवी रखने का है. साथ ही अनावश्यक निजीकरण का रास्ता अपनाकर सरकार रोजगार और देश की अर्जित संसाधनों को नष्ट करने में लगी हुई है. वहीं उन्होंने कहा कि सरकार यदि निजीकरण पर रोक नहीं लगाती है तो आने वाले दिनों में छात्र उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे.
इस अवसर पर राज्यपरिषद सदस्य प्रशांत सुमन ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान परीक्षाएं आयोजित करना छात्रों के जान को जोखिम में डालने जैसा है. साथ ही उन्होंने कॉलेज एवं विश्वविद्यालय के छात्रों को प्रमोट करने की मांग किया. प्रदर्शन के बाद छात्रों ने जिला अधिकारी को 12 सूत्री मांगों से संबंधित पत्र सौंपा. मौके पर रमाकांत कुमार, हिमांशु कुमार, रौशन कुमार, बिट्टू कुमार, गुलशन कुमार, राहुल कुमार, नीतीश कुमार, ए के रॉय, रंजीत कुमार, चार्ली आर्य, सवीना कुमारी आदि मौजूद थे.
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