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एक ऐसी शिक्षिका जो स्कूल आने-जाने के लिए हर रोज पैदल चलती 10 किमी



लाइव खगड़िया (मुकेश कुमार मिश्र) : जिले के परबत्ता प्रखंड के खजरैठा निवासी मृत्युंजय चौधरी एवं उनकी धर्मपत्नी स्व मंजू कुमारी आधा दर्जन विद्यालयों में शिक्षा का दीप जलाकर 2015 में सेवानिवृत्त हुए हैं. बताया जाता है कि अपने कार्य काल में अनुशासन के प्रति दोनों काफी सजग थे. सेवा निवृत्त शिक्षक दंपति का मानना है कि अनुशासन राष्ट्रीय जीवन का प्राण है.

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सियादतपुर अगुवानी पंचायत के सेवानिवृत्त शिक्षक शत्रुघ्न प्रसाद सिंह व विनिता देवी के पुत्र विकास कुमार सिंह सुल्तानगंज के कृष्णानंद सूर्यमल इंटर विद्यालय में अर्थशास्त्र के सहायक शिक्षक पद पर कार्यरत हैं. वे अपने व्यस्त दिनचर्या के बीच वो समय- समय पर आर्थिक रूप से कमजोर छात्र- छात्राओ को नि:शुल्क शिक्षा देते रहे है. उनके जज्बे का ही कमाल है कि दोनों पैरों से लाचार विकास के जब शब्द दौड़ते हैं तो उनकी दिव्यांगता छोटी लगने लगती है. उन्होनें हिन्दी में कविता, गजल सहित अंगिका में भी कई रचनाएं लिखी हैं और अब वे साहित्य से जुड़ी पुस्तक प्रकाशित करने की योजना बना रहे हैं.

गोगरी प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय बड़ी पैकांत पूर्वी खंड में सुधा कुमारी शिक्षिका पद पर कार्यरत है. वे आस-पड़ोस के बालिकाओ को शिक्षा के प्रति जागरुक कर रहीं हैं. बताया जाता है कि सतीश नगर गांव से प्राथमिक विद्यालय पैंकात पूर्वी खंड की दूरी लगभग पांच किलोमीटर है. सड़क की हालत जर्जर होने से उन्हें स्कूल आने-जाने में नित्य दस किलोमीटर की पैदल यात्रा करनी पड़ती है. बावजूद इसके उनके हौसले कभी पस्त नहीं हुए और लगातार शिक्षा की अलख जलाने लगी हुईं हैं. विद्यालय में 130 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं. जहां प्रधानाध्यापक के अलावा एक मात्र शिक्षिका सुधा कुमारी बच्चों के बीच पठन-पाठन का कार्य करती है. साथ ही बच्चों व उनके अभिभावकों को स्वच्छता के प्रति भी जागरूक करती रहती हैं.


तेमथा करारी पंचायत के सार्वजनिक रामावती उच्च माध्यमिक विद्यालय में पहली बार किसी महिला शिक्षिका रंजना सिन्हा को प्रधान की जिम्मेदारी मिलने से ग्रामीणों सहित अन्य शिक्षकों एवं छात्र छात्राओं मे हर्ष है. बताया जाता है कि वर्ष 1950 में विद्यालय की स्थापना होने के बाद यह पहला मौका है जब किसी महिला प्रधान ने विद्यालय की कमान संभाला है. वे कन्हैयाचक गांव के लड़कियों को शिक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए व्यापक अभियान चला रही है.

जिले में सबसे अधिक छात्र -छात्राओं वाले पीपरा लतीफ पंचायत स्थित उत्क्रमित उच्च माध्यमिक मकतब इस्लामपुर अपने अनुशासन के लिए चर्चित रहा है. यहां के बच्चों ने खेल से लेकर शैक्षणिक कार्यों में अपने आप को श्रेष्ठ साबित करते रहे हैं. इस कार्य में यहां के प्रधानाध्यापक मोहम्मद रियाजुद्दीन महती भूमिका रही हैं. यहां बच्चे प्रतिदिन प्रात: प्रार्थना के पश्चात् भारत के संविधान की प्रस्तावना का पाठ करते हैं. यह पाठ सभी बच्चों को अब कंठश्त हो गया है. यह क्रम विगत कई वर्षों से अनवरत चल रहा है. सुबह जब एक साथ हजारो की संख्या मे बच्चे शपथ लेने की मुद्रा में एक हाथ उठाकर संविधान की प्रस्तावना का पाठ करते हैं तो वह नजारा देखने लायक होता है. विद्यालय के प्रधानाध्यापक एवं यहां की पूरी टीम ने एक बेहतर माहौल तैयार करने में सफल रही है. इस विद्यालय में सीमित संसाधनों के बीच हजारों बच्चे शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं. बताया जाता है कि हर दिन इस विद्यालय में बच्चों की उपस्थिति लगभग शत-प्रतिशत होती है, जो कि एक मिसाल है.

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