लाइव खगडिया (मुकेश कुमार मिश्र) : सामाजिक दृष्टिकोण से भारत की संस्कृति भाईचारे व सहयोग के उदाहरणों से भरा पड़ा है. भारतीय संस्कृति का केनवाश विशाल है और उस पर हर प्रकार के रंग और जीवंतता है. यह देश सदियों से सहयोग का एक जीवंत उदाहरण रहा है. कोरोना संक्रमण काल में जिले की एक बेटी सात समंदर पार अपने देश की संस्कृति से लोगों को रू-ब-रू कराते हुए जरूरतमंदों की मदद में जुटी हुई हैं.
जिले के परबत्ता प्रखंड के कुल्हडिया गांव की 11 वर्षीय मानसी रंजन के द्वारा जरूरतमंदों की मदद के लिए की जा रही कवायद इन दिनों अमेरिका में चर्चाओं में है. मानसी रंजन अपनी पेंटिंग कला से प्राप्त राशि को कोरोना संक्रमण काल में जरूरतमंदों की सहायता के लिए खर्च कर रही हैं. मिली जानकारी के अनुसार वे अपनी पेंटिंग को अमेरिका में ऑनलाइन सहित मराठा किचन फूड के माध्यम से बेचकर प्राप्त राशि को मराठा किचन फूड बैंक में जमा करतीं हैं और फूड बैंक कोरोना पीड़ितों सहित जरूरतमंद लोगों की मदद में इस राशि को खर्च कर रहा है.
बताया जाता है कि मानसी रंजन की अद्भुत पेंटिंग को अमेरिकी खासा पसंद कर रहे हैं और उनकी पेंटिंग के प्रति वहां के लोगों का आकर्षण मानसी रंजन की मुहिम को गति प्रदान कर गया है. पीड़ितों के सहयोग के लिए मानसी रंजन के एक अनोखे प्रयास की अमेरिका में लोग काफी सराहना कर रहे हैं.
जिले के परबत्ता प्रखंड के कुल्हडिया निवासी राकेश रंजन व मौसमी कुसुम की पुत्री मानसी रंजन अपने माता-पिता के साथ अमेरिका में रह रही हैं. बताया जाता है कि मानसी के मम्मी-पापा अमेरिका के आईबीएम कंपनी में कार्यरत हैं. इधर मानसी रंजन के दादा डॉ प्रो० विजय कुमार रंजन कोसी कॉलेज में तथा दादी चिंतामणी रंजन आर्य कन्या उच्च विद्यालय से सेवानिवृत्त हुए है. बहरहाल महज 11 वर्ष की उम्र में जिले की बेटी देश की संस्कृति की महक को विदेश में अपने ही अंदाज में फैलाती हुई प्रतित हो रहीं हैं.
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