लाइव खगड़िया : कोरोना को लेकर लॉकडाउन के बीच आम हो या खास हर तबके के लोगों पर प्रभाव पड़ा है. बावजूद इसके संकट की इस घड़ी में पूरा देश एकजुट होकर कोरोना के खिलाफ जंग लड़ रहा है. लेकिन जो तस्वीर उभर कर सामने आई है उससे ऐसा प्रतीत होने लगा है कि कुछ लोग अभी भी कोरोना संक्रमण से उपजे हालात को लेकर गंभीर नहीं हैं और ना ही उन्हें संकट के दौर का ही ऐहसास है. शायद यहीं कारण रहा है कि विपदा की इस घड़ी में सरकारी राहत व प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर ऐसे लोग मेहमान-नवाजी की आस लगा बैठे हैं और लजीज व्यंजनों की फरमाईश होने लगी है.
मामला सदर प्रखंड के विद्यार्थी टोला स्थित क्वॉरेंटाइन सेंटर से प्रकाश में आया है. इस सेंटर में यूपी के लखनऊ और बनारस से साइकिल से सफर करते हुए पश्चिम बंगाल जा रहे 26 लोगों को क्वॉरेंटाइन पर ऱखा गया है. सभी को खगड़िया के रास्ते पश्चिम बंगाल के मालदह जाने के क्रम में सोमवार को पुलिस ने रोककर स्थानीय क्वॉरेंटाइन सेंटर में शिफ्ट कर दिया था. इस बीच क्वॉरेंटाइन किये गये लोगों को भोजन नहीं मिलने की शिकायत पर जिलाधिकारी आलोक रंजन घोष ने मामले की जांच का निर्देश दे दिया. जांच के दौरान जो मामला सामने आया वो हैरान करने वाला था. दरअसल क्वॉरेंटाइन किये गये लोग रसोईये से नॉन वेज की मांग कर रहे थे. बहरहाल यदि मामले में सच्चाई है तो यह इनलोगों के संवेदनहीनता को दर्शाता है.

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