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सीता व राम का प्रेम भाव व मन के तल पर प्रेम व स्नेह की पराकाष्ठा

लाइव खगड़िया (मुकेश कुमार मिश्र) : जिले के बलुवाही स्थित ठाकुरवाड़ी में श्री शिव शक्तियोग पीठ के तत्वाधान में श्री सीता-राम विवाह महोत्सव का आयोजन परमहंस स्वामी आगमानंद जी महाराज के निर्देशन में किया गया. इस क्रम में रविवार की सुबह ठाकुरवाड़ी में विद्वान पंडितों के द्वारा विशेष पूजन किया गया.

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वहीं श्री शिव शक्ति योगपीठ नवगछिया के पीठाधीश्वर परमहंस स्वामी आगमानंद जी महाराज ने संगीतमय श्री सीता-राम विवाहोत्सव प्रसंग पर विस्तार पूर्वक से चर्चा करते हुए कहा कि मार्गशीर्ष महीने के शुक्लपक्ष की पंचमी तिथि पर श्रवण नक्षत्र में सीता-राम विवाह की परंपरा है. माना जाता है त्रेतायुग में इसी संयोग पर सीता व राम का विवाह हुआ था. सीता-राम विवाह से जुड़े प्रसंग वाल्मीकि रामायण और तुलसीदास रचित रामचरित मानस में बताया गया है. जिनसे कई बातें सीखने को मिलती है. पुष्प वाटिका में भगवान श्री राम और सीता जी के मिलन के पश्चात प्रकृति ने दोनों के ही मिलन का मार्ग तय कर लिया था और सीता व राम के विवाह से पूर्व का यह प्रेम अत्यंत पवित्र था. ये भाव और मन के तल पर प्रेम और स्नेह की पराकाष्ठा थी. साथ ही उन्होंने कहा कि आज के दिन भगवान श्रीराम का विधिवत पूजन और सांकेतिक रूप से या उत्सव के रूप में भगवान का विवाह सीता जी से कराया जाये तो जीवन में सांसारिक कष्टों से मुक्ति मिलती है.




इस अवसर पर संगीत कलाकार राजा राम, माधव , धीरज कांत, पवन दूवे, रविश , राजू आदि ने एक से बढ़कर एक भक्ति गीत प्रस्तुत कर लोगो को झूमने पर मजबूर कर दिया. जबकि संध्या में श्री सीता-राम विवाह महोत्सव की मनोरम झांकी से चित्रण किया गया. जिसमें शहर के काफी संख्या में लोगो ने भाग लिया.

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कार्यक्रम के दौरान मंच उद्धोषण का कार्य गुड्डू के द्वारा किया गया. मौके पर आचार्य कौशलेन्द्र झा, शिव प्रेमानंद, मनोरंजन सिंह, मानवानंद , प्रेमशंकर भारती, डॉ संतोष कुमार, राजेश सिह, त्रिभुवण सिंह, सुधीर चौधरी, रणधीर सिंह, मोहन सिह, मीडिया प्रभारी रणवीर सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे.


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