लाइव खगड़िया (मुकेश कुमार मिश्र) : जिले भर में शुक्रवार की संध्या देवउठानी एकादशी का व्रत श्रद्धा व भक्तिभाव के साथ मनाया गया. इस दौरान वैदिक मंत्रोउच्चारण के साथ पूजन कार्य किया गया और शंख-घंटे की ध्वनि से वातावरण गुंजायमान हो गया. वहीं “उदितष्ठोतिष्ठ गोविन्द त्यज निद्रां जगत्पते, त्वयि सुप्ते जगन्नाथ जगत्सुप्तं भवेदिदम्, उत्थिते चेष्टते सर्वमुत्तिष्ठोत्तिष्ठ माधव” मंत्र उच्चारण के साथ भगवान विष्णु का स्मरण किया गया और भगवान को फल एवं मिष्ठान से भोग लगाया गया.
पुराणों में इस तिथि को संपन्न पूजन कार्य को अत्यधिक फलदायी माना गया है.हरि-जागरण के उपरांत ही शुभ-मांगलिक कार्य प्रारंभ होते हैं. दूसरी तरफ देवउठानी एकादशी को लेकर विभिन्न गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की अपार भीड़ देखी गई. साथ ही मंदिरों में भी खासा भीड़ लगी रही.
पूजा के क्रम में घर-घर में भगवान विष्णु का जयकार लगता रहा. इस दौरान महिलाएं आंगन से लेकर अपने कुल देवी-देवता के घर तक अरिपन बनाईं और श्रद्धालुओं ने डाभ का तीन एवं पंचमुखी भगवान विष्णु का स्वरूप तैयार कर संध्या के समय दीप प्रज्वलित कर विधि-विधान के साथ पूजन किया और पांच से अधिक श्रद्धालु मिलकर भगवान विष्णु को उठाया. शास्त्रों के अनुसार भगवान विष्णु आषाढ़ शुक्ल एकादशी को चार महीने के लिए सो जाते हैं और एक ही बार कार्तिक शुक्ल एकादशी को जागते हैं.
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