Breaking News
IMG 20191011 WA0003

पुलिसकर्मियों को सदा प्रेरणा देती रहेगी दारोगा आशीष कुमार सिंह की शहादत




लाइव खगड़िया : 12 अक्टूबर 2018 की ही वो मनहूस रात थी जिसने पुलिस महकमें सहित जिलेवासियों से एक जांबाज पुलिस पदाधिकारी को सदा के लिए छिन लिया था. वो काली रात…जब एक तरफ जिलेवासी अपने-अपने घरों में सुकून की नींद ले रहे थे तो दूसरी तरफ आमजनों के सुख-चैन की सलामती के लिए वे बुलंद हौसले के साथ सुदूर दियारा क्षेत्र में अपराधियों से लोहा लेते रहे और कर्तव्य पथ पर जान की बाजी लगाकर शहीद हो गये.

विकट परिस्थिति में भी कर्तव्य पथ पर डटे रहे थे थानेदार आशीष कुमार सिंह

तत्कालीन पसराहा थानाध्यक्ष आशीष कुमार सिंह को उस रात जैसे ही गुप्त सूचना मिली कि नवगछिया और खगड़िया के सीमावर्ती इलाका दुधैला दियारा में दिनेश मुनि गिरोह के अपराधियों का जमाबड़ा लगा है कि वो दलबल के साथ देर रात ही वहां कूच का गए. विकट भौगोलिक क्षेत्र में पुलिस के पहुंचने की भनक मिलते ही अपराधी भागने लगे. लेकिन पुलिस टीम भी उसका पीछा करती रही. आखिरकार पुलिस से घिरते देख अपराधियों ने फायरिंग शुरू कर दी. पुलिस के द्वारा भी जवाबी फायरिंग किया जाता रहा. इस दौरान दोनों तरफ से जमकर गोलीबारी हुई. इसी क्रम में अपराधियों की एक गोली पुलिस टीम का नेतृत्व कर रहे तत्कालीन थानाध्यक्ष आशीष कुमार सिंह के सीने में जा लगी और वे शहीद हो गए. साथ ही पुलिस ने मुठभेड़ में एक अपराधी को भी मार गिराया था.




एक कड़क पुलिस पदाधिकारी के साथ-साथ नेक दिल इंसान भी थे आशीष कुमार सिंह

35 वर्षीय 2009 बैच के शहीद थानेदार आशीष कुमार सिंह बहुत ही नेक, विनम्र और अपने कर्तव्य के प्रति बेहद ही ईमानदार व अनुशासित इंसान थे. कर्तव्य पथ पर खतरों से खेलना उनकी आदतों में शुमार था. शहादत के पूर्व भी एक अन्य ऑपरेशन के दौरान वे अपराधियों की गोली से घायल हो चके थे. मूल रूप से सहरसा जिले के सरोजा गांव के निवासी रहे आशीष कुमार सिंह का जिले के चौथम थाना क्षेत्र के लालपुर में ननिहाल था.

IMG 20191011 WA0004

शहादत के एक वर्ष बाद भी घटना का मुख्य आरोपी पुलिस गिरफ्त से बाहर

दारोगा आशीष कुमार सिंह की शहादत के एक वर्ष पूरे हो चुके हैं. लेकिन घटना के मुख्य आरोपी कुख्यात दिनेश मुनी आज भी पुलिस गिरफ्त से बाहर है. हलांकि घटना के बाद विभिन्न जिलों में मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए एसटीएफ के द्वारा विशेष मुहिम भी चलाई गई. लेकिन अबतक उन्हें दिनेश मुनी की गिरफ्तारी में सफलता हाथ नहीं लगी है. इस बीच इस वर्ष जून में एसटीएफ कुख्यात दिनेश मुनि के सहयोगी अशोक मंडल को गिरफ्तार करने में सफल रही है. उल्लेखनीय है कि दारोगा हत्याकांड मामले में भागलपुर जिले के नवगछिया पुलिस जिले के बिहपुर थाने में कांड संख्या 402/18 दर्ज किया गया था. जिसमें दिनेश मुनि और अशोक मंडल को नामजद अभियुक्त बनाया गया था. बहरहाल दिनेश मुनि 50 हजार इनामी भी है.

पुलिसकर्मियों को सदा प्रेरणा देती रहेगी आशीष कुमार की शहादत

कर्तव्य पथ पर थानेदार आशीष कुमार सिंह की शहादत पुलिसकर्मियों को सदा प्रेरणा देती रहेगी और एक कर्तव्यनिष्ठ पुलिस पदाधिकारी की याद जिलेवासियों को भी सदा आती व सताती रहेगी.


Check Also

FB IMG 1773500931355

राष्ट्रीय लोक अदालत में हुआ जन-संवाद, आपसी सहमति से निपटाए गए कई मामले

राष्ट्रीय लोक अदालत में हुआ जन-संवाद, आपसी सहमति से निपटाए गए कई मामले

error: Content is protected !!