Breaking News
IMG 20191001 WA0005

इस मदिर से निराश होकर नहीं लौटते श्रद्धालु,फुलाईस से होती मनोकामना पूरी




लाइव खगड़िया (मुकेश कुमार मिश्र) : जिले के परबत्ता प्रखंड के कवेला पंचायत अंतर्गत डुमरिया खुर्द गांव स्थित प्राचीन दुर्गा मंदिर मन्नतों के पूरा करने के अपने पौराणिक इतिहास के लिए खास रहा है. साथ ही गंगा किनारे अवस्थित यह मंदिर अपनी भव्यता के लिए भी जाना जाता है. मान्यता है कि इस मंदिर में फुलाईस से भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती है.

IMG 20191001 WA0003

रामलीला के आयोजन का 115 वर्षों का रहा है इतिहास

ग्रामीण विजय कुमार राय, शिव कुमार राय, डॉ अविनाश कुमार एवं रवीन्द्र झा आदि बताते हैं कि दशहरा के अवसर पर 115 वर्षों से इस मंदिर के खुले मैदान में रामलीला का आयोजन होता आ रहा है. हर वर्ष कार्यक्रम में दो दर्जन से अधिक ग्रामीण कलाकार भाग लेते हैं. यह पुरानी परंपरा आज भी विद्यमान है. हलांकि 10 दिनों का यह कार्यक्रम अब 5-6 दिनों में सिमट गई है.




मां की महिमा हैं निराली

पूर्व में इस मंदिर में नवरात्र की पूजा के दौरान बलि प्रथा का प्रचलन था. लेकिन साठ वर्ष पहले इस परंपरा को स्थायी रुप से खत्म कर दिया गया . पंडित रामानंद मिश्र, पुजारी ब्रजकिशोर मिश्र बताते हैं कि इस मंदिर की स्थापना 1902 में हुआ था तथा पहले वर्तमान स्थल से दो किलोमीटर पश्चिम में मंदिर स्थित था. इस बीच गंगा के कटाव के कारण मंदिर नदी में समा गया और कटाव प्रभावित लोगों ने एक निश्चित स्थान पर आश्रय ले लिया. वहीं नरसिंह लाला नामक एक व्यक्ति ने एक अस्थायी मंदिर बनाकर मां की पूजा-अर्चना शुरू कर दिया. कालांतर में यह परिवार विस्थापित होकर भागलपुर तथा मुंगेर में जा बसा. तब ग्रामीणों ने आपसी सहयोग से मां दुर्गा को एक फूस के घर में स्थापित कर पूजा शुरू कर दिया. बताया जाता है कि पंडित बासुकी मिश्र 1976 से इस मंदिर में मां की पूजा करते आ रहे हैं.

20190925 193602

मान्यता है कि यहां आने वाले भक्त कभी निराश होकर खाली हाथ नहीं लौटते हैं. बहरहाल ग्रामीणों के सहयोग से अब यहां एक भव्य मंदिर बन गया है. जो कि अब दर्शनीय भी हो गया है.


Check Also

IMG 20260301 WA0023

हुड़दंगियों सावधान! परबत्ता में भारी संख्या में पुलिस बल के साथ सड़कों पर निकलीं SDPO साक्षी कुमारी

हुड़दंगियों सावधान! परबत्ता में भारी संख्या में पुलिस बल के साथ सड़कों पर निकलीं SDPO साक्षी कुमारी

error: Content is protected !!