लाइव खगड़िया (मुकेश कुमार मिश्र) : “हुनर हो तो मिट्टी भी सोना उगलती है”— इस कहावत को चरितार्थ कर रहे हैं जमुई और मुंगेर से आए शिल्पकार। खगड़िया जिले के महद्दीपुर स्थित बड़ी दुर्गा मंदिर प्रांगण में आयोजित होने वाले चार दिवसीय ‘राजकीय चैती दुर्गा मेला’ की तैयारियां जोर-शोर पर हैं। इस वर्ष मेले का मुख्य आकर्षण जम्मू-कश्मीर के प्रसिद्ध माता वैष्णो देवी मंदिर की तर्ज पर बनाई जा रही भव्य गुफा होगी।
कला और तकनीक का संगम
जमुई के अनुभवी कलाकार पिंटू साह, उनके पुत्र डब्लू कुमार, अरविंद यादव और मुंगेर के सुजीत कुमार अपने सहयोगियों के साथ मिलकर इस परियोजना को साकार कर रहे हैं। पसराहा रेलवे स्टेशन से दक्षिण दिशा में स्थित इस स्थल पर बांस, बल्ली, पटसन की चादर और पी.ओ.पी. (Plaster of Paris) के माध्यम से एक कृत्रिम पहाड़ और गुफा का निर्माण किया जा रहा है।
विशेषताएं:
- सटीक प्रतिकृति: गुफा के साथ-साथ रास्ते में पड़ने वाले भव्य मंदिरों और पहाड़ों का जीवंत दृश्य।
- गर्भगृह: माता वैष्णो देवी के पिंड और भैरव मंदिर की भी स्थापना की जा रही है।
- रोजगार सृजन: मुख्य कलाकार पिंटू साह पिछले 30 वर्षों से इस क्षेत्र में सक्रिय हैं और वर्तमान में लगभग 60 लोगों को रोजगार प्रदान कर रहे हैं।

लागत और दर्शन
कलाकारों के अनुसार, इस भव्य झांकी के निर्माण पर लगभग 10 लाख रुपये का खर्च आने का अनुमान है। श्रद्धालुओं और दर्शकों के प्रवेश के लिए मेला कमिटी द्वारा 50 रुपये प्रति व्यक्ति का सहयोग शुल्क निर्धारित किया गया है।
”हमारा उद्देश्य श्रद्धालुओं को घर बैठे ही वैष्णो देवी की यात्रा का अनुभव कराना है। यह कार्य न केवल हमारी आजीविका है, बल्कि सांस्कृतिक धरोहर को दर्शाने का माध्यम भी है।”
— डब्लू कुमार, कलाकार
मेले की बढ़ेगी रौनक
मेला कमिटी का मानना है कि इस बार ‘राजकीय चैती दुर्गा मेला’ में इस भव्य गुफा को देखने के लिए रिकॉर्ड भीड़ उमड़ेगी। अभी से ही निर्माण कार्य देखने के लिए स्थानीय लोगों का तांता लगना शुरू हो गया है। इस पहल से मेले के स्वरूप को एक नई ऊँचाई मिलने की उम्मीद है।
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