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फेसबुक वाले ‘फर्जीवाड़े’ पर भारी पड़ी पुलिस, पशुचारा कारोबारी को वापस मिले अपने ₹1.95 लाख

लाइव खगड़िया : आज के डिजिटल दौर में जहाँ एक क्लिक पर ठगी हो जाती है, वहीं खगड़िया पुलिस ने न्याय की एक उम्मीद जगाई है। फेसबुक विज्ञापन के जाल में फंसकर अपनी मेहनत की गाढ़ी कमाई गंवाने वाले एक कारोबारी के लिए साइबर पुलिस ‘देवदूत’ बनकर सामने आई।

क्या था पूरा मामला?

जिले के पसराहा थाना क्षेत्र के महदीपुर निवासी नीलेश कुमार, जो मुख्य रूप से पशुचारा (Animal Feed) का व्यवसाय करते हैं, अपने बिजनेस को बढ़ाने की जुगत में थे। इसी दौरान उन्हें फेसबुक पर एक लुभावना विज्ञापन दिखा।

  • झांसा: विज्ञापन के जरिए सस्ते पशुचारा का लालच दिया गया।
  • धोखा: नीलेश ने भरोसे में आकर अलग-अलग किस्तों में करीब ₹3,00,000 ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए।
  • नतीजा: न सामान मिला, न ही कॉल का जवाब। तब नीलेश को अहसास हुआ कि वे साइबर ठगों के चंगुल में फंस चुके हैं।

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पुलिस की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ और 3 महीने का इंतजार

शिकायत मिलते ही साइबर थाना पुलिस (कांड संख्या 28/25) एक्शन मोड में आ गई। साइबर क्राइम डीएसपी निशांत गौरव के नेतृत्व में पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए:

  1. ठगों द्वारा इस्तेमाल किए गए बैंक खातों को तुरंत होल्ड (Freeze) करवाया।
  2. तीन महीने तक चली गहन जांच और कागजी कार्रवाई के बाद पुलिस ने पहले खाते से ₹1,94,999 रिकवर कर लिए।
  3. ​बाकी की राशि भी दूसरे खाते से जल्द रिकवर करने का आश्वासन दिया गया है।

सावधानी ही बचाव है: डीएसपी की सलाह

डीएसपी निशांत गौरव ने इस सफलता का श्रेय ‘समय पर की गई शिकायत’ को दिया है। उन्होंने आम जनता के लिए कुछ जरूरी बातें साझा कीं:

“साइबर ठगी के मामलों में शुरुआती समय बहुत महत्वपूर्ण होता है। अगर आप तुरंत शिकायत करते हैं, तो राशि वापस मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है।”

मुख्य बातें जो आपको जाननी चाहिए:

  • सोशल मीडिया विज्ञापनों पर आंख मूंदकर भरोसा न करें: किसी भी अनजान कंपनी को पेमेंट करने से पहले उसकी पूरी पड़ताल करें।
  • तत्काल शिकायत: ठगी होने पर तुरंत 1930 पर कॉल करें या नजदीकी साइबर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराएं।

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