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TOB के स्थापना दिवस पर खगड़िया की बेटी का कमाल: ‘भावना की उड़ान’ से सवँरेगा बिहार के नौनिहालों का भविष्य

लाइव खगड़िया‌ : राजकीय स्तर के सबसे बड़े लर्निंग कम्युनिटी संगठन ‘टीचर्स ऑफ बिहार: द चेंज मेकर’ (TOB) के स्थापना दिवस के अवसर पर खगड़िया की बेटी डॉ. स्वराक्षी स्वरा ने एक नई मिसाल पेश की है। बिहार के सरकारी स्कूलों में चल रही मौन क्रांति के प्रणेताओं को सम्मानित करने के इस विशेष मंच पर, स्वरा ने अपनी पहली बाल कविताओं का संग्रह ‘भावना की उड़ान… स्वरा के साथ’ प्रदेश के स्कूली बच्चों को निःशुल्क समर्पित किया है।

साहित्य और शिक्षा का अनूठा संगम

​बाजारवाद के वर्तमान दौर में, जहाँ व्यावसायिकता हावी है, डॉ. स्वराक्षी स्वरा का यह निस्वार्थ कदम खगड़िया के लिए गर्व की बात है। इस पुस्तक का प्रकाशन TOB द्वारा किया गया है, जिसमें शिवेंद्र कुमार सुमन ने तकनीकी सहयोग प्रदान किया है।

​TOB के संस्थापक शिव कुमार ने इस पुनीत कार्य के लिए स्वरा को साधुवाद देते हुए कहा, “बच्चों के प्रति उनकी यह निस्वार्थ भावना और समर्पण अन्य शिक्षकों व समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।”

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खगड़िया की वैश्विक पहचान

​डॉ. स्वराक्षी स्वरा ने इससे पहले भी राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाकर जिले का नाम रोशन किया है। उनकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि वे शैक्षणिक कार्यों और साहित्यिक गतिविधियों का संपादन एक साथ पूरी निपुणता से करती हैं। वे उन लोगों के लिए एक जीवंत उदाहरण हैं जो समय के अभाव का बहाना बनाते हैं।

“बच्चे हमारी पहचान हैं और साहित्य हमारा जीवन। मेरा प्रयास तब तक जारी रहेगा जब तक कि खगड़िया और बिहार एक-दूसरे के पर्याय नहीं बन जाते। आज जब अन्य राज्यों के लोग बिहार के संदर्भ में खगड़िया का जिक्र करते हैं, तो आत्मसंतुष्टि मिलती है।”

डॉ. स्वराक्षी स्वरा

मुख्य बिंदु:

  • अवसर: ‘टीचर्स ऑफ बिहार’ (TOB) का स्थापना दिवस (20 जनवरी)।
  • प्रकाशन: TOB द्वारा प्रकाशित बाल कविता संग्रह ‘भावना की उड़ान’।
  • उद्देश्य: बिहार के सरकारी स्कूलों के बच्चों में जागरूकता और साहित्य के प्रति रुचि पैदा करना।
  • सहयोग: शिवेंद्र कुमार सुमन (तकनीकी) एवं शिव कुमार (संस्थापक, TOB)।

​आज डॉ. स्वराक्षी स्वरा की इस उपलब्धि ने साबित कर दिया है कि यदि संकल्प दृढ़ हो, तो एक छोटी सी जगह से निकलकर भी वैश्विक पटल पर अपनी पहचान बनाई जा सकती है।

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