लाइव खगडिया (मुकेश कुमार मिश्र) : जिले के परबत्ता प्रखंड मुख्यालय स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र परबत्ता को बिहार राज्य स्वास्थ्य समिति ने प्रदेश के उत्कृष्ट स्वास्थ्य केन्द्रों में गिनकर राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS) प्रमाणपत्र प्रदान किया है. राज्य स्वास्थ्य समिति बिहार की तरफ से इस आशय का पत्र जारी किया गया है. राज्य स्वास्थ्य समिति ने परबत्ता अस्पताल के सेवाओं की गुणवत्ता को मापने के लिये जुलाई के अंतिम सप्ताह में टीम भेजा था. इस टीम के द्वारा पूर्व निर्धारित गुणवत्ता मानकों की कसौटी पर सभी सेवाओं को जांचा गया. जिसके बाद समिति ने अपनी रिपोर्ट को संबंधित विभाग में समर्पित किया और फिर रिपोर्ट के अनुसार सूबे के चार जिलों के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक NQAS प्रमाणपत्र दिया गया.
राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक सुहर्ष भगत के द्वारा जारी पत्र के अनुसार जिन संस्थानों को यह प्रमाणपत्र प्रदान किया गया है, उसमें बक्सर जिला का पीएचसी सिमरी को 71.55 प्रतिशत, गया जिला के पीएचसी इमामगंज को 90.46 प्रतिशत, वैशाली जिला के पीएचसी गौरौल को 83.79 प्रतिशत तथा खगड़िया जिला के पीएचसी परबत्ता को 79.22 प्रतिशत अंक दिया गया है. वहीं बताया गया है कि इन संस्थानों को गुणवत्तापूर्ण सेवाओं की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए यह प्रमाणपत्र प्रदान किया गया है. साथ संबंधित जिलों के सिविल सर्जनों को निर्देश दिया गया है कि वे प्रमाणपत्र QA कोषांग से प्राप्त कर स्वास्थ्य संस्थानों को उपलब्ध कराएं.

बताते चलें कि राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS) एक मानक है, जो स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को मापने और सुनिश्चित करने के लिए उपयोग किया जाता है. इसका उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाना और मरीजों को उच्च गुणवत्ता वाली देखभाल प्रदान करना है. परबत्ता अस्पताल को गुणवत्तापूर्ण सेवा के क्षेत्र में इस प्रमाणपत्र के मिलने से प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ कशिश राय ने अस्पताल में कार्यरत सभी नर्सिंग, पारामेडिकल तथा अन्य कर्मियों बधाई दिया है तथा इस गुणवत्ता को और ऊंचाई तक ले जाने का संकल्प लिया गया है.
इस अस्पताल की स्थापना 10 अक्टूबर 1953 को कबीर मठ परबत्ता के महंथ मोती दास ने अपने गुरु महंथ सुखदेव दास की स्मृति में कराया था. इसके लिये एक ट्रस्ट बनाया गया था. जिसमें क्षेत्र के दर्जनभर राजनीतिक और सामाजिक लोगों को रखा गया था. जिसमें महंथ मोती दास, दर्शन दास, महंथ शीतल दास, स्वतंत्रता सेनानी द्वारिका दास व ठाकुर दास, कपूरी दास, सूर्यनारायण दास, एस डी ओ खगडिया, लोकल बोर्ड खगड़िया के चेयरमैन, रामअयोध्या सिंह, डोमन साह, मेदिनी पोद्दार, लषणलाल मिश्र, डिस्ट्रिक्ट बोर्ड चेयरमैन मुंगेर तथा सिविल सर्जन मुंगेर शामिल थे. महंथ जी ने ही अस्पताल निर्माण के लिये मठ की कीमती जमीन के साथ – साथ भवन बनवाकर दिया था, जो आज भी उपयोग में है. अस्पताल का उद्घाटन बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री डॉ श्रीकृष्ण सिंह के द्वारा किया गया था.
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