
राष्ट्रकवि गोपाल सिंह नेपाली की 114वीं जयंती समारोह में बच्चों द्वारा काव्यपाठ
लाइव खगड़िया : जिले के सदर प्रखंड के आवासबोर्ड स्थित मध्य विद्यालय हाजीपुर में ‘शब्दयात्रा भागलपुर’ के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर वृहस्पतिवार को गीतों के राजकुमार तथा अद्वितीय राष्ट्रकवि गोपाल सिंह नेपाली की 114वीं जयंती समारोह का आयोजन किया गया.
वहीं कार्यक्रम का काव्यात्मक संचालन करते हुए विद्यालय के शिक्षिका सह बिहार की सुचर्चित युवा कवियत्री डॉ स्वराक्षी स्वरा ने राष्ट्रकवि गोपाल सिंह नेपाली की प्रासंगिकता पर बल देते हुए कहा कि आज जहां सारी दुनिया युद्ध भूमि में तब्दील होती जा रही है, वैसे मैं विद्यालय के नौनिहालों के मुख से नेपाली जी की कविताएं सुनकर मन-प्राणों को न सिर्फ रोमांचित कर गयी, बल्कि वर्तमान राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय परिवेश में गोपाल सिंह ‘नेपाली’ और उनकी कविता अति प्रासंगिक है, ऐसा अहसास करा गई.
‘श्रृंगार न होगा भाषण से, सत्कार न होगा शासन से, यह सरस्वती है जनता की, पूजो, उतरो सिंहासन से !’ ‘कुचली गई स्वतंत्रता कि फनफना उठो, अपमान देश का हुआ कि झनझना उठो, संसार भी अगर कहीं मुकाबला करें, तुम सामना करो, समर्थ सामना करो, तुम कल्पना करो, नवीन कल्पना करो !’ एवं ‘तुम लाल सोते रह गये, शंकर भी सोते रह गये, घायल हिमालय रोया, तुम घाव धोते रह गये, इतना न सोना बेटो, बिस्तर खबर हो जाये, अपना हिमालय लुटके, कल को उधर हो जाये !’ आदि जैसे क्रांतिकारी व राष्ट्रभक्ति गीत कविताओं को सुनाकर विद्यालय के होनहार बिरवान शुभम् कुमार, कृष्णा, अभिषेक, दीवाना एवं रूपम, संध्या, रिमझिम, खुशी आदि छात्राओं ने संपूर्ण माहौल को झंकृत करते हुए कार्यक्रम को जीवंत कर दिया.
आरंभ में जयंती समारोह की अध्यक्षता करते हुए विद्यालय के प्रधानाध्यापक मनोज यादव ने कहा कि नेपाली जी एक कुशल गीतकार थे. उनकी कविताओं में राष्ट्रप्रेम और सनातन संस्कृति का एक ऐसा अद्भुत सम्मिश्रण देखने को मिलता है, जो आज भी पढ़ने और गुनगुने को प्रेरित करती रहती है. कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के अन्य शिक्षक, शिक्षिकाएं तथा छात्र-छात्राओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही.