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…तो क्या बच सकती थी पूर्व विधायक के पुत्र की जान !

लाइव खगड़िया : जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल सदर अस्पताल का आलीशान बिल्डिंग भले ही एक बड़े अस्पताल का एहसास दिलाता हो और वक्त-बेवक्त वरीय अधिकारियों की औचक निरीक्षण में यहां की व्यवस्थाएं फीट एंड फाइन नजर आता हो, लेकिन यहां के स्वास्थ्यकर्मियों के सेवा भाव व ड्यूटी के दौरान ईमानदारी पर एक बार फिर बड़ा सवाल उठ खड़ा हुआ है. खगड़िया के पूर्व विधायक स्व रामबहादुर आजाद के छोटे पुत्र अंजय कुमार ने जिलाधिकारी को आवेदन देते हुए सदर अस्पताल के एक चिकित्सक की लापरवाही के कारण अपने बड़े भाई संजय कुमार की मौत का गंभीर आरोप लगाया है.

बताया जाता है कि पूर्व विधायक के बड़े पुत्र संजय कुमार जिला प्रोग्राम कार्यालय, आईसीडीएस में अनुसेवक के पद पर कार्यरत थे और मंगलवार की सुबह वे कार्यालय जा रहे थे. इसी दौरान एक्चेंज ऑफिस के समीप उन्हें सीने में दर्द का अनुभव हुआ. जिसके बाद उन्होंने फोन से परिजनों को अपनी तबीयत खराब होने की जानकारी दी और परिजन आनन – फानन में उन्हें सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड लेकर पहुंचे. जहां मौजूद चिकित्सक डॉक्टर अशोक कुमार को वस्तु स्थिति की जानकारी देते हुए उचित इलाज का अनुरोध किया गया. लेकिन आरोप है कि मरीज के परिजनों के इलाज के अनुरोध को अस्पताल के चिकित्सक अस्वीकार करते हुए वे बाथरूम जाने के बहाने अपने चैंबर से निकल गए. इस बीच मरीज की मौत हो गई.

मृतक के परिजनों का आरोप है कि यदि समय रहते चिकित्सक के द्वारा मरीज की इलाज आरंभ कर दिया जाता तो शायद उनकी जान बच सकती थी. साथ ही परिजन ने चिकित्सक पर इलाज के लिए बार-बार अनुरोध करने पर पुलिस बुला लेने की धमकी देने का भी आरोप लगाया है. आवेदन में परिजनों ने जिलाधिकारी से चिकित्सक के विरूद्ध कार्रवाई का अनुरोध किया है. बहरहाल मामला जांच का है और मामले में जिलाधिकारी की पहल देखना दीगर होगा.

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