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एक नजर : विगत चुनावी आंकड़ों से लेकर सांसद के कार्यकाल तक




लाइव खगड़िया : वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में खगड़िया की चुनावी राजनीति मुख्य रूप से तीन ध्रुवों में बंटी हुई थी.जिसमें एनडीए समर्थित लोजपा के उम्मीदवार महबूब अली कैसर,महागठबंधन समर्थित राजद की कुष्णा कुमारी यादव और जदयू के दिनेशचन्द्र यादव शामिल थे.उस चुनाव में एनडीए समर्थित लोजपा उम्मीदवार 3,13,806 मत प्राप्त कर निर्वाचित घोषित हुए थे.जबकि राजद उम्मीदवार ने 2,37,803 एवं जदयू के उम्मीदवार ने 2.20,316 मत प्राप्त किया था.बात यदि दस हजार के मतों को पार करने वाले अन्य उम्मीदवारों की करें तो कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (एम) के जगदीश चन्द्र बसु,निर्दलीय उमेश चन्द्र भारती व सतीश प्रसाद सिंह एवं आम आदमी पार्टी के डॉक्टर स्वामी विवेकानंद का नाम इसमें शामिल था.

यदि विगत लोकसभा चुनाव में विधानसभावार प्रत्याशियों के प्रदर्शन पर यदि नजर डालें तो परबत्ता में लोजपा उम्मीदवार को 73,983, राजद को 47,674 व जदयू प्रत्याशी को 21,453 मत मिला था.इसी तरह बेलदौर विधान सभा क्षेत्र में लोजपा उम्मीदवार ने 50,156,जदयू ने 48,065 व राजद उम्मीदवार ने 39,765 मत प्राप्त किया था.जबकि खगड़िया विधानसभा में लोजपा के उम्मीदवार ने 54,497,जदयू ने 31,789 व राजद ने 32,462 मत प्राप्त किया था.इसी तरह अलौली विधानसभा में लोजपा उम्मीदवार ने 34,736,जदयू ने 41,264 व राजद उम्मीदवार ने 34,171 मत प्राप्त किया था.जबकि हसनपुर विधानसभा क्षेत्र में लोजपा उम्मीदवार को 41,160, जदयू को 30,980 व राजद प्रत्याशी को 48,475 वोट मिले थे एवं सिमरी बख्तियारपुर विधान सभा क्षेत्र में लोजपा प्रत्याशी ने 59,204,जदयू ने 46,738 व राजद प्रत्याशी ने 35,225 मत प्राप्त किया था.




बात यदि विगत व वर्तमान राजनीतिक हालात व स्थिति की करें तो प्रदेश की राजनीति के कई नेता पाला बदलकर महागठबंधन में शामिल हो गए है.लेकिन उससे कहीं अधिक जनाधार वाले सत्तारूढ़ दल जदयू का एक बार फिर एनडीए में शामिल होना को भी नहीं भूला जा सकता है.साथ ही यहां यह भी देखना दीगर होगा कि यादव बहुल क्षेत्र में दोनों ही प्रमुख गठबंधन में कोई यादव उम्मीदवार नहीं है और वर्षों से राजद की जमीन तैयार कर रही विगत लोकसभा चुनाव में राजद की प्रत्याशी रही कृष्णा कुमारी यादव पार्टी में नहीं हैं.

निवर्तमान सांसद महबूब अली कैसर का कार्यकाल

इस बार के चुनाव में एक बार फिर एनडीए समर्थित लोजपा उम्मीदवार के रूप में निवर्तमान सांसद महबूब अली कैसर मैदान में हैं और उनके बारे में क्षेत्र में यह चर्चाएं रही है कि वे जीत हासिल करने के बाद क्षेत्र में उस लिहाज से जनता के बीच अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं करा सके जैसा कि आमजनों की अपेक्षा रही थी.दूसरी तरफ सांसद के कार्यकाल पर नजदीक से नजर रखने वाले जिले की भौगोलिक स्थिति व क्षेत्रफल का हवाला देते हुए बताते है कि वे अपने कार्यकाल व क्षेत्र में उपस्थियों का राजनीति लिहाज से प्रचार-प्रसार व ब्रांडिंग नहीं कर पाये.खैर,मामला चाहे जो भी रहा हो लेकिन इतना तो माना ही जा सकता है कि उन्हें अपनी इस भूल का एहसास हो चुका है.शायद यहीं वजह रही है कि अब ना सिर्फ वे बल्कि एनडीए के कई बड़े नेताओं ने भी सार्वजनिक मंच से उनकी हर भूल पर माफी मांगी ली है.ऐसे में इस भूल को भविष्य में सुधार लेने की संभावना व्यक्त की जा सकती है.

सांसद निधि का 95 प्रतिशत राशि किया खर्च

खगड़िया संसदीय क्षेत्र के लिए 25 करोड़ रुपए की राशि निर्धारित थी और भारत सरकार ने कुल 25 करोड़ रुपए जारी किए. ब्याज के साथ यह राशि 26.93 करोड़ रुपए हुई. सांसद कैसर ने अपने क्षेत्र के लिए 40.75 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा जिसमें 26.91 करोड़ रुपए पास हुए. इसमें 24.00 करोड़ रुपए खर्च हुए. कुल राशि का 95.90 प्रतिशत हिस्सा खर्च हुआ और मात्र 2.94 प्रतिशत बचा रह गया.हलांकि वेबसाइट अपडेट नहीं होने का हवाला देते हुए सांसद महबूब अली कैसर के अनुसार सांसद निधि से खर्च की गई राशि का आंकड़ा 26.25 करोड़ की है.


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