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एक ऐसा गिरोह जहां मौत पर मनाई जाती जश्न,होता लाखों का वारा-न्यारा




लाइव खगड़िया : वैसे मामला तो फिरौती के लिए अपहरण का था और मामले में पुलिस ने अपहृत को सकुशल बरामद भी कर लिया.लेकिन यह मामले का पटाक्षेप नहीं बल्कि शुरुआत थी और मौत पर जश्न मनाने वाले संगठित गिरोह का भेद खुल चुका था.थमती सांसों के साथ लाखों के वारा-न्यारा होने की सच्चाई भी सामने आने लगी थी.

दरअसल जिले के महेशखुंट थाना क्षेत्र के गौछारी के विभा देवी के द्वारा पति प्रवीण कुमार रंजन के मंगलवार से गायब होने और फिर पति को छोड़ने के एवज में 7 लाख की फिरौती की मांग किये जाने की सूचना पुलिस को दी गई थी.मामले में पुलिस अधीक्षक मीनू कुमारी ने एएसपी (अभियान) राजकुमार राज एवं गोगरी एसडीपीओ पी.के.झा के नेतृत्व में एक टीम गठित कर दिया था.जिसके उपरांत टीम ने तकनीकी आधार पर टीकारामपुर दियारा में छापेमारी कर एलआइसी के बीमा एजेंट प्रवीण कुमार रंजन को सकुशल बरामद कर लिया और अपहरण करने वाला अपहृता का रिश्ते में भाई ही निकला.लेकिन अपहरण की जो वजह सामने आई वो चौंकाने वाला था.




बताया जाता है कि बीमा कंपनी से फर्जी डेथ क्लेम की राशि हड़पने का खेल चल रहा था.गिरोह के सदस्य गंभीर रोग से ग्रस्त मरनासन्न लोगों को चिन्हित कर उनका इंश्योरेंस कराते थे.इस क्रम में बीमित व्यक्ति का नोमिनी गिरोह के लोग को ही बनाया जाता था.फिर कुछ दिनों में बीमित व्यक्ति के मौत के बाद फर्जी तरीके से डेथ क्लेम उठा लिया जाता था और राशि की आपस में बंदरबांट कर ली जाती थी.इतना ही नहीं मृत व्यक्तियों के नाम से भी गिरोह के सदस्य बीमा करा डालते थे और फिर कुछ दिनों के बाद उनका डेथ क्लेम कर बीमा कंपनी से राशि ले ली जाती थी.लेकिन एक मामले में बीमा एजेंट ने जब अन्य सदस्यों को हिस्सेदारी नहीं दिया तो उसका अपहरण कर 7 लाख की राशि को फिरौती की तौर पर मांगे जाने लगा.अपहरण की घटना के पीछे एक नया मामला सामने आने के बाद पुलिस अधीक्षक मीनू कुमारी ने पूरे मामले का जांच का आदेश दे दिया था और अब मामले पर से परत दर परत पर्दा हटने लगा है.

फर्जी डेथ क्लेम मामले में कई चौंकाने वाली बातें सामने आने लगी है.मिली जानकारी के अनुसार जिले के मड़ैया थाना क्षेत्र के पीपरालतीफ निवासी बीजो साह के आवेदन पर पुलिस अधीक्षक मीनू कुमारी के निर्देश पर दर्ज किये गये कांड में मामले का मास्टर माइंड संजय कुमार निकला है.जिन्होंने आवेदक के मृत बेटा के नाम पर फर्जी रूप से बीमा करा कर बीमा की 22 लाख की राशि फर्जी खाते के माध्यम से निकाल लिया था.इतना ही नहीं संजय कुमार ने सुनीता देवी नामक एक महिला के मृत पति स्वर्गीय नवल किशोर रजक के नाम पर भी फर्जी तौर पर बीमा करा कर करीब 18.5 लाख की राशि हड़प लिया था.

मामले की जानकारी देते हुए महेशखुंट थाना प्रभारी मुकेश कुमार वर्मा ने बताया है कि फर्जी डेथ क्लेम के दोनों ही मामले में पीड़ित को इस बात की जानकारी नहीं थी कि उनके परिवार के मृत सदस्य का ना सिर्फ बीमा करा दिया गया है बल्कि बाद में डेथ क्लेम कर बीमा की राशि भी फर्जी तौर पर हड़प ली गई है.साथ ही उन्होंने मामले में कई अन्य लोगों के संलिप्त होने की संभावना व्यक्त करते हुए कहा है कि मामले के हर बिन्दुओं पर बारीकी से गहन जांच की जा रही है.बहरहाल मामले में बीमा एजेंट प्रवीण कुमार रंजन,मदारपुर के बलराम कुमार, महेशखुंट के संजय कुमार एवं तेलौंछ के सुबोध कुमार को गिरफ्तार किया जा चुका है और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है.



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