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भगवान राम हैं चेतना का प्रतीक तो मां सीता शक्ति स्वरूपा : स्वामी आगमानंद

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लाइव खगड़िया (मुकेश कुमार मिश्र) : सहरसा जिले के  सोनवर्षा राज प्रखंड के विराटपुर पंचायत के प्रसिद्ध श्री माता चंडिका स्थान विराटपुर के प्रांगण में आयोजित पांच दिवसीय श्री श्री 108 शत् चंडी महायज्ञ सह संगीमय मंगलकारी श्री राम कथा का श्रवण करने के लिए श्रद्धालुओ की भीड़ उमड़ पडी है.जहां खगड़िया जिले के भी श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित थे.

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महायज्ञ के चौथे दिन एवं कथा के तीसरे दिन कथा  व्यास परमहंस स्वामी आगमानंद जी महाराज ने अपने कोकिल कंठ से भगवान श्रीराम विवाह पर विस्तारपूर्वक चर्चा करते हूए कहा कि प्रभु श्रीराम ने सदा मर्यादा पालन करके पुरुषोत्तम का पद पाया.उसी तरह माता सीता ने सारे संसार के समक्ष पतिव्रता स्त्री होने का सर्वोपरि उदाहरण प्रस्तुत किया.मर्यादा में रहने वाले को ही भगवान श्रीराम प्रभु की पूर्ण कृपा मिल सकती है.भगवान राम ने जनक नंदिनी सीता से विवाह किया था.तुलसीदासजी कहते हैं कि श्रीराम ने विवाह द्वारा मन के तीनों विकारों काम, क्रोध और लोभ से उत्पन्न समस्याओं का समाधान प्रस्तुत किया गया है. भगवान श्री राम चेतना के प्रतिक हैं और मां सीता शक्ति का स्वरुप है.

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वहीं संगीत कलाकार द्वारा विवाह लोक गीत “किनकर सिर बिहुली,फूल,किनका तिलक शोभे हे…किनका शोभै टेढ़ी पाग,कौने मुख चन्नन हें” पर श्रोतागण झूमते रहें.साथ ही भगवान श्री राम विवाह की झांकी श्रोतागण का मन महो लिया. 


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गौरतलब है कि प्रतिदिन श्री माता चंडिका स्थान में विद्वान पंडित के द्वारा विशेष पूजा-पाठ किया जा रहा है.महायज्ञ से इलाके में भक्ति का माहौल बना हुआ है.

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वहीं बड़ी संख्या में लोगो ने परमहंस स्वामी आगमानंद जी महाराज से गुरु दीक्षा भी प्राप्त किया.

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