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बाबा साहब के द्वारा बताये गये तीन मंत्र आज भी अनुकरणीय




लाइव खगड़िया : डॉ.भीमराव अम्बेडकर के 63वें परिनिर्वाण दिवस के अवसर पर गुरुवार को शहर के बलुआही स्थित अम्बेडकर भवन में दलित युवा संग्राम परिषद् के द्वारा एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया.मौके पर संगठन के प्रदेश अध्यक्ष राकेश पासवान शास्त्री ने भी संविधान डॉक्टर भीमराव अम्बेडकर के प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित किया.

वहीं उन्होंने कहा कि बाबा साहब विश्व के एक महान पुरूष थे.जिन्होंने भारतीय संविधान में दलितों,पीड़ितों,महिलाओं व अल्पसंख्यकों सहित सभी वर्गों को समुचित अधिकार देकर उनके सामाजिक,आर्थिक,शैक्षणिक,राजनैतिक व बौद्धिक विकास का मार्ग प्रशस्त किया.आज भी उनके द्वारा बताये गये तीन मंत्र “शिक्षित हों,संगठित हों और संघर्ष करें” तथा “अच्छा दिखने के लिए नहीं बल्कि अच्छा बनने के लिए जियो” एवं “झुक सकता है जो,वो सारी दुनियां को झुका सकता है” जैसे सुविचार मानव समाज के लिए अनुकरणीय है.



साथ ही उन्होंने कहा कि अंधविश्वास को त्याग कर विज्ञान पर आधारित जीवन जीने के गुढ़ रहस्य का उद्भेदन करने में भी बाबा साहब अम्बेडकर का मुख्य ध्येय रहा है.अपने विवादास्पद विचारों और मनुवाद व्यवस्था की कटु आलोचना के बावजूद अम्बेडकर साहब की प्रतिष्ठा एक अद्वितीय और विद्वत्ता की थी.फलस्वरूप उन्हें स्वतंत्र भारत के प्रथम कानून मंत्री बनाया गया.साथ ही उन्होंने भारतीय संविधान के साथ छेड़छाड़ नहीं करने पर बल देते हुए संविधान विरोधियों का जमकर मुकाबला करना व उनके पदचिन्हों पर चलने को ही बाबा साहब के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि बताया.मौके पर अधिवक्ता रामाशीष पासवान,अधिवक्ता संजय पासवान,अंकुश पासवान,दीपक कुमार,हरिवंश कुमार,मनोज दास,अशोक मरांडी सहित परिषद् के अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे.



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