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…तो क्या मंत्री के लिए ही आनन-फानन में पुल से परिचालन हुआ था शुरू ?

 


लाइव खगड़िया : कोसी क्षेत्र का लाइफ लाइन माना जाने वाला जिले के डुमरी घाट स्थित बी पी मंडल सेतु से जीर्णोद्धार के बाद हल्के चार पहिये वाहनों का परिचालन शुरू होने के महज कुछ घंटे बाद ही एक बार फिर पुल दगा दे गया और साथ ही निर्माण कंपनी ने पुल से परिचालन पर रोक लगा दी.उल्लेखनीय है कि स्थानीय जदयू विधायक की मौजूदगी में सोमवार की शाम से पुल पर हल्के चार पहिये वाहनों का परिचालन आरंभ किया गया था.जिस खबर को सुनने के साथ ही जिला सहित कोसी क्षेत्रवासियों की बांछें खिल गई थी.लेकिन महज कुछ घंटे के अंदर ही पुल ने एक बार फिर लाखों लोगों के अरमानों पर पानी फेर दिया.



हलांकि घंटे भर में पुल से परिचालन बंद होने की अपनी-अपनी दलीलें है.ऐसी तमाम दलीलों के बीच पुल से परिचालन बंद किये जाने के बावजूद मंगलवार को पुल पर से केन्द्रीय राज्य मंत्री उपेन्द्र कुशवाहा के वाहनों के काफिले का गुजर जाना कई अन्य सवालों को भी जन्म दे गया है.रही सही कसर मंत्री के काफिले ने सहरसा से कार्यक्रम के उपरांत वापसी में उसी पुल का इस्तेमाल कर पूरी कर दी.

सवाल महज आम व खास का ही नहीं बल्कि सवाल एक केन्द्रीय मंत्री के सुरक्षा का भी था.यदि तकनीकी गड़बड़ी के बीच आमजनों के लिए सुरक्षा कारणों से परिचालन बंद किया गया तो किसी भी स्थिति में एक केन्द्रीय मंत्री की सुरक्षा की अनदेखी नहीं की जा सकती थी.ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि क्या केन्द्रीय राज्य मंत्री के काफिले के लिए आनन-फानन में पुल से परिचालन शुरू की गई थी.बहरहाल खुल जा सिम-सिम व बंद हो जा सिम-सिम के बीच बीपी मंडल सेतु पर हल्के वाहनों के परिचालन में अभी एक सप्ताह का वक्त और लगने की बातें सामने आ रही है.



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