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भगवान भास्कर को दंडवत प्रणाम करते हुए छठ घाट पहुंच रहे हैं श्रद्धालु

 


लाइव खगड़िया (मुकेश कुमार मिश्र) : लोक आस्था का महान पर्व छठ से जुड़ी एक विशेष परम्परा के अनुसार जब छठ मैया से मांगी गई कोई मुराद पूरी हो जाती है तब मन्नत के अनुसार सूर्य देव को दंडवत प्रणाम किया जाता है.इस वर्ष भी ऐसे दर्जनों महिला व पुरुष दंडवत प्रणाम करते हुए विभिन्न घाट पर पहुंचने की कवायद जुटे हुए है.सूर्य को दंडवत प्रणाम करने की विधि बहुत ही कठिन होता है.इस क्रम में लोग अपने घर के कुल देवी या देवता को प्रणाम कर नदी तट तक दंड देते हुए जाते हैं. दंड की प्रक्रिया इस प्रकार से है पहले सीघे खडे होकर सूर्य देव को प्रणाम किया जाता है और फिर पेट की ओर से ज़मीन पर लेटकर दाहिने हाथ से ज़मीन पर एक रेखा खींची जाती है.यही प्रक्रिया नदी तट तक पहुंचने तक बार-बार दुहरायी जाती है.इस दंडवत प्रणाम में पुरुष ही नहीं बल्कि महिलाएं भी शामिल है.इस कठिन प्रक्रिया के साथ भगवान भाष्कर की आराधना की जा रही है.



मान्यता है कि जो भी श्रद्धालु  छठ महाव्रत को निष्ठा भाव से विधिपूर्वक संपन्न करता है.वह संतान सुख से कभी अछूता नहीं रहता है.इस महाव्रत के फलस्वरूप व्यक्ति को न केवल संतान की प्राप्ति होती है बल्कि उसके सारे कष्ट भी समाप्त हो जाते हैं. प्रसिद्ध उत्तर वाहिनी गंगा तट पर दंडवत प्रणाम के सहारे घाट तक पहुंचने वाली श्रद्धालु महिला एवं पुरुष की संख्या अधिक देखीं जा रही है.वहीं ग्रामीणों के सहयोग से साफ-सफाई का अद्भुत नजारा देखने को मिल रहा है.जिले के परबत्ता प्रखंड के कन्हैयाचक निवासी मनोज चौधरी बताते है कि मेरी पत्नी आज छठी मैया की कृपा से जीवित हैं और मन्नतें पूर्ण होने के बाद दो वर्षो से छठ पूजा में दंडवत प्रणाम करते आ रहे हैं.कुछ ऐसी ही कहानी दंडवत प्रणाम करते श्रद्धालुओं के परिजन द्वारा भी बताया जा रहा है.



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