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पिता का सिर से उठा साया तो मां भी बनी पराई,ढूंढ रहा बहन का प्यार नेपाली बालक

लाइव खगड़िया (मुकेश कुमार मिश्र) : नेपाल के एक बालक के सिर से पिता का साया क्या उठा कि उनकी किस्मत ही पलट गई.कभी माता-पिता के आंखों का तारा रहे दस वर्षीय नेपाली बालक आज दर-दर भटकते हुए अपनों को तलाश रहा है.इसे इस बालक का बद्किस्मती ही माना जायेगा कि मां के रहते हुए भी आज उन्हें ना तो उनकी आंचल का छांव मिल रहा और ना ही उनका प्यार ही नसीब हो रहा.

दरअसल अपनों से बिछुड़ा नेपाल के इस दस वर्षीय बालक को जिले के परबत्ता प्रखंड निवासी थल सेना के एक जवान छुट्टी में घर आने के दौरान अपने साथ ले आये थे.नेपाल के चिनचिला निवासी कामी लामा का पुत्र बताया जाने वाला भूमिक लामा विगत कुछ दिनों से परबत्ता प्रखंड के  माधवपुर पंचायत के विष्णुपुर गांव में उसी जवान के साथ रह रहा था.

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बताया जाता है कि पिता की मृत्यु के बाद उसकी मां ने दूसरी शादी कर ली तथा उसे एक अन्य व्यक्ति के पास छोड़ दिया.जो बालक को दिल्ली ले आया और वहां अपनी चाय दुकान पर काम कराने लगा.इसी बीच थल सेना में कार्यरत जिले परबत्ता प्रखंड के माधवपुर पंचायत के विष्णुपुर निवासी शशि भूषण झा छुट्टी में दिल्ली से गांव लौटने के दौरान उसे पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन पर रोता हुआ मिला.

वहीं बालक ने जवान से अपनी आपबीती सुनाई.जिसके बाद जवान बच्चे को अपने साथ लेकर खगड़िया आ गये.इस बीच नेपाली बालक जवान के साथ उनके गांव में ही रहा.लेकिन जवान ड्यूटी पर जाने के पूर्व मामले की सूचना परबत्ता थाना के सहायक थानाध्यक्ष मुकेश कुमार को दिया.जिसके उपरांत शुक्रवार को परबत्ता थानाध्यक्ष ने बच्चे को बाल संरक्षण इकाई के सदस्य के हवाले कर दिया.

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मिली जानकारी के अनुसार परबत्ता थाना परिसर में शुक्रवार को कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद बच्चे को चाईल्ड हेल्प लाइन के ब्लॉक कॉर्डिनेटर संजय कुमार को सौंप दिया गया है.वहीं नेपाली बालक के द्वारा बताया जा रहा है कि उसकी एक बहन भी है.जिसका नाम सूरज लामा है और वह अपने पति के साथ नेपाल में ही रहती है.वह अपनी बहन के पास जाना चाहता है और उसके साथ ही रहना चाहता है.बहरहाल इस नेपाली बालक की किस्मत अब उन्हें किस मोड़ पर ले जाती है यह देखना दीगर होगा.



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