लाइव खगड़िया (मुकेश कुमार मिश्र) : शिक्षा के मंदिर में नंबरों के नाम पर होने वाले भ्रष्टाचार के खिलाफ जिला प्रशासन ने बड़ी स्ट्राइक की है। जिले के परबत्ता प्रखंड स्थित उच्चतर माध्यमिक विद्यालय टीमापुर लगार में इंटरमीडिएट की प्रैक्टिकल परीक्षा में नंबर देने के नाम पर अवैध वसूली का मामला सही पाए जाने पर प्रधानाध्यापक, एक शिक्षक और एक लिपिक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
मामले की मुख्य बातें:
- आरोपी: प्रधानाध्यापक सविता कुमारी, शिक्षक दिलीप चौधरी और लिपिक रीता कुमारी।
- कार्रवाई: परबत्ता थाना में कांड संख्या 136/26 दर्ज; विभागीय एवं अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा।
- शिकायतकर्ता: छात्र गरीब कुमार और विशाल कुमार (जिन्होंने सीधे डीएम को आवेदन भेजा था)।
पैसे न देने पर मिली थी भविष्य खराब करने की धमकी
जानकारी के अनुसार, पीड़ित छात्रों ने जिलाधिकारी (DM) नवीन कुमार को स्पीड पोस्ट के जरिए शिकायत भेजी थी। छात्रों का आरोप था कि उनसे प्रैक्टिकल में अच्छे अंक देने के बदले 1500 और 1000 रुपये की मांग की जा रही है। पैसे नहीं देने पर उन्हें कम अंक देकर भविष्य खराब करने की धमकी भी दी गई थी।
DM ने खुद की पूछताछ, वीडियो साक्ष्य ने बढ़ाई मुश्किलें
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने छात्रों और संबंधित शिक्षकों को अपने कार्यालय बुलाकर आमने-सामने पूछताछ की। जांच के दौरान अवैध वसूली की पुष्टि हुई। साथ ही घटना से संबंधित एक वीडियो भी सामने आया है, जिसने दोषियों के खिलाफ सबूतों को और पुख्ता कर दिया।
व्यवस्था पर सवाल: अनुकंपा पर मिली थी नौकरी
चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी लिपिक रीता कुमारी ने महज कुछ महीने पहले (सितंबर 2025) ही अनुकंपा के आधार पर नौकरी प्राप्त की थी। एक तरफ सरकार और शिक्षा विभाग अवैध वसूली को लेकर लगातार चेतावनी जारी कर रहे थे, वहीं दूसरी तरफ विद्यालय के जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग इसे नजरअंदाज कर रहे थे।
अभिभावकों में जगी उम्मीद
इस कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने जिलाधिकारी की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना की है। लोगों का मानना है कि ऐसे कड़े फैसलों से न केवल भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी, बल्कि सरकारी शिक्षा व्यवस्था पर आम जन का भरोसा भी बहाल होगा।
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