लाइव खगड़िया : जिले के सदर प्रखंड के उत्तर माड़र पंचायत अंतर्गत तीन गछिया टोला स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल ‘बड़ी मां कात्यायनी स्थान’ पर बागमती नदी के कटाव का खतरा मंडराने लगा है। सोमवार को सदर विधायक बबूल कुमार मंडल ने स्थल का निरीक्षण कर स्थिति की गंभीरता को समझा और संबंधित विभागीय अधिकारियों को कटाव रोधी कार्यों के लिए सख्त निर्देश दिया।
अस्तित्व की रक्षा के लिए ग्रामीणों ने लगाई गुहार
निरीक्षण के दौरान स्थानीय ग्रामीणों ने विधायक को बताया कि बागमती नदी की उफनती धाराएं तेजी से मंदिर परिसर की ओर बढ़ रही हैं। ग्रामीणों के अनुसार:
- यह स्थल करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है, जहाँ दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं।
- यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो इस ऐतिहासिक शक्तिपीठ का अस्तित्व समाप्त हो सकता है।
- अब तक किए गए कटाव रोधी कार्य नाकाफी सिद्ध हुए हैं।
धार्मिक व ऐतिहासिक महत्व: दाहिनी भुजा गिरने की मान्यता
विधायक को इस स्थल की पौराणिक महत्ता से अवगत कराते हुए ग्रामीणों ने बताया कि किंवदंती के अनुसार, सती की दाहिनी भुजा इसी स्थान पर गिरी थी। मान्यता है कि सिरपत बाबा ने इसी पवित्र स्थान से उस अंग को निकालकर धमारा में मंदिर की स्थापना की थी। इस ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को देखते हुए विधायक ने इसे क्षेत्र की अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर बताया।
विधायक का आश्वासन
मौके पर ही विधायक बबलू मंडल ने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों से फोन पर वार्ता की और गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि:
- स्थायी समाधान: खानापूर्ति के बजाय कटाव रोकने के लिए प्रभावी और स्थायी उपाय किए जाएं।
- सरकार तक बात: इस मुद्दे को विधानसभा और उच्च स्तर पर उठाकर आवश्यक संसाधन और फंड उपलब्ध कराया जाएगा।
- प्राथमिकता: मंदिर की सुरक्षा प्रशासन और सरकार की पहली जिम्मेदारी है।
”यह केवल एक मंदिर नहीं, हमारी सांस्कृतिक पहचान है। इसकी सुरक्षा के लिए प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर जल्द ही ठोस कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।” — बबलू कुमार मंडल, सदर विधायक
मौके पर जदयू के पूर्व कार्यकारी जिलाध्यक्ष राज कुमार फोगला, जिला परिषद सदस्य सुनील चौरसिया, नरेश यादव, प्रभाष कुमार, कुलदीप कुमार, संतोष कु. साह आदि उपस्थित थे।
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