
हजारों किलोमीटर का सफर अकेले तय कर हांगकांग से छठ करने पहुंची शिवानी
लाइव खगड़िया (मुकेश कुमार मिश्र) : लोक आस्था का महापर्व छठ नहाय खाय के साथ मंगलवार से शुरू हो गया. महापर्व को लेकर हांगकांग में रहने वाली जिले की एक बहू खगड़िया जिला के अगुवानी स्थित अपने घर पहुंच चुकी है. यह छठ मैया के प्रति आस्था और परिवार के सदस्यों के प्रति प्रेम ही है जो शिवानी सिंह हांगकांग से खगड़िया जिले के परबत्ता प्रखंड अंतर्गत सियादतपुर अगुआनी पंचायत के अगुआनी गांव तक का सफर शिवानी सिंह अकेले ही तय कर आईं हैं. बताया जाता है कि अगुआनी गांव निवासी शिवानी के पति प्रवीण कुमार सिंह हांगकांग में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं और काम की व्यस्तता व बच्चे के पढाई की वजह से उनके पति एवं बच्चे उनके साथ नहीं आ सकी. ऐसे में शिवानी अकेले ही घर आने का फैसला लिया.


बताया जाता है कि 2022 में एनआरआई इंजीनियर की मां ने अपने बेटे से महज इतना कहा था कि स्वास्थ्य कारणों से वह अब छठ पूजा नहीं कर पाएगी और इस बार वह छठ पूजा बैठा लेंगी. बस यह सुनते ही आगे से छठ पूजा करने की जिम्मेवारी बहू ने ले ली. इस बार शिवानी एयर इंडिया के प्लाइट से दिल्ली एवं दिल्ली से पटना और फिर पटना से निजी वाहन से खगड़िया पहुंच गई हैं. शिवानी सिंह अपनी सासू मां की जगह दूसरी बार खुद छठ कर रहीं हैं. 2022 में उनकी सासू मां अंतिम बार छठ करके बहू को जिम्मेदारी सौंप दी थी और शिवानी इस परंपरा का निर्वहन करने का संकल्प लेकर पूजा पाठ में जुटी हुई है.


मिली जानकारी के अनुसार शिवानी अपने पति के साथ पिछले 19 सालों से हांगकांग में रह रही है. इस बीच उन्हें मात्र 2 से 3 बार छठ पर्व के अवसर पर ससुराल आने का मौका मिला था. लेकिन 2022 से ही पूजा की जिम्मेदारी मिलने के बाद शिवानी अब हर वर्ष छठ करने ससुराल आती हैं. बताया जाता है कि 68 वर्षीय उनकी सासू मां रूपा सिंह 33 साल पहले अपने सास योगमाया देवी से छठ करने का संकल्प लिया था और वर्षों वो अपनी जिम्मेदारी को निभाती रहीं. अब उन्होंने यह जिम्मेदारी अपनी बहू को दे दी है. उनका परिवार एक संयुक्त परिवार है. लेकिन वर्षों तक विदेश में रहने वाली शिवानी अपने गांव की सभ्यता, पर्व की आस्था और घर की बड़ी बहू होने का फ़र्ज़ नहीं भूली है. बहरहाल हजारों किलोमीटर का सफर अकेले ही लांघ कर शिवानी घर पहुंची और मंगलवार को उन्होंने कद्दू भात का रस्म निभाई.
