लाइव खगड़िया (मुकेश कुमार मिश्र) : एक मां अपने बेटे की दिन-रात देखभाल करती है. बीमारी व ठंढ आदि में पुत्र की रक्षा के लिए उसे गोदी में सुलाती है. स्वयं रात भर जाग कर उसे लोरी सुनाकर सुलाती है और बेटे के बड़े हो जाने के बाद भी एक मां का अपने पुत्र के प्रति प्यार व दुलार कभी कम नहीं होता. लेकिन यदि असमय बेटे की मौत हो जाये तो किसी मां पर क्या गुजरती है, इस व्यथा को शब्दों में नहीं ढ़ाला जा सकता है. कुछ ऐसा ही एक मामला जिले के परबत्ता प्रखंड के कबेला पंचायत अंतर्गत जागृति टोला से सामने आया है. जहां एक मां ने अपने बेटे की मौत के बाद पुत्र वियोग में दम तोड़ दिया है.
दरअसल कबेला निवासी स्व लड्डू दास के 45 वर्षीय पुत्र नरेश दास की मौत 13 दिन पूर्व हो गया था. वे लम्बें समय से बीमार चल रहे थे. गुरूवार को उनका अंतिम श्राद्ध कर्म था और श्राद्ध कर्म के अंतिम क्षण में पुत्र वियोग में ह्रदय गति रुक जाने के कारण उनकी माता अमला देवी का भी निधन हो गया. घटना से गांव में मातमी सन्नाटा पसर गया.
इधर घटना जानकारी मिलते ही पंचायत के मुखिया बालकृष्ण शर्मा उर्फ ललन शर्मा शोकाकुल परिवार से मिलने पहुंचे और पीड़ित परिवार को सांत्वना दिया और हर संभव मदद का आश्वासन दिया.Vमिली जानकारी के अनुसार मुखिया के द्वारा पहले भी नरेश दास की इलाज में आर्थिक मदद किया गया था. बताया जाता है कि अमला देवी को चार पुत्र थे. जिससे बड़े पुत्र की मौत 13 दिन पूर्व हो गया था.
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