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कर्तव्य के प्रति लापरवाह रहे तीन पुलिसकर्मियों को एसपी ने किया संस्पेंड

लाइव खगड़िया : पुलिस अधीक्षक मीनू कुमारी ने कर्तव्य में लापरवाही बरतने वाले पुलिस अवर निरीक्षक,सहायक अवर निरीक्षक सहित तीन पुलिसकर्मियों के विरूद्ध एक बार फिर सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है.मिली जानकारी के अनुसार मुफस्सिल थाना क्षेत्र के नन्हकू मंडल टोला निवासी पवन कुमार जब बीते वर्ष दियारा में अपने खेत में घास काट रहे थे तो तीन व्यक्तियों के द्वारा उनपर लाठी-डंडा से हमला किया गया था.जिसकी शिकायत लेकर बीते वर्ष 5 अगस्त को जब पवन कुमार की पत्नी रीना कुमारी व अन्य मुफस्सिल थाना पहुंचे तो मुंशी और एएसआई भगवान प्रसाद केश लेने से इंकार करते हुए सभी को डांटकर थाना से भगा दिया था.वहीं दूसरे दिन 6 अगस्त की शाम जब पवन कुमार अपने बथान पर मवेशी को चारा खिला रहे थे तो अपराधियों ने उन्हें गोली मार दी थी.जिनका इलाज के क्रम में मौत हो गया.घटना के बाद इस संदर्भ में मुफस्सिल थाना में कांड संख्या 532/17 दर्ज की गई थी.जबकि कांड की समीक्षा के क्रम में मृतक की पत्नी रीणा कुमारी के फर्दब्यान के आधार पर पाया गया कि थाना की मुंशी एवं एएसआई भगवान प्रसाद के द्वारा आवेदन लेने से इंकार किये जाने एवं त्वरित निरोधात्मक कार्रवाई नहीं किये जाने के कारण ही पुन: नामजद अभियुक्तों के द्वारा वादिनी के पति व अन्य के साथ घटना को अंजाम दिया गया.साथ ही माना गया कि यदि पुलिस के द्वारा पूर्व में आवेदन लेकर कार्रवाई की जाती तो इस अप्रिय घटना को टाला जा सकता था.दोनों पुलिसकर्मियों द्वारा बरती गई लापरवाही के मद्देनजर पुलिस अधीक्षक कार्यालय द्वारा बीते वर्ष 16 अगस्त को निर्गत आदेश के माध्यम से स्पष्टीकरण की मांग की गई थी.लेकिन 11 माह के बाद भी स्पष्टीकरण नहीं मिलने पर इसे स्वेच्छाचारिता,कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही व आदेश का उलंघन व मनमानेपन का घोतक मानते हुए मुफस्सिल थाना के तत्कालीन कनीय पुलिस अवर निरीक्षक भगवान प्रसाद एवं मुंशी पीटीसी सिपाही 150 लालबहादुर साह को पुलिस अधीक्षक ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया.IMG 20180606 WA0003दूसरी तरफ गोगरी थाना कांड संख्या 34/18 के अनुसंधानकर्ता सहायक अवर निरीक्षक रंजन कुमार झा को भी कांड में बरामद हथियार व गोली की बिना विधिवत जांच कराये व बिना अभियोजन स्वीकृत्यादेश प्राप्त किये एवं बिना वरीय पदाधिकारी के आदेश के ही अभियुक्त के विरूद्ध आरोप पत्र समर्पित करने पर स्पष्टीकरण की मांग की गई थी.लेकिन सहायक अवर निरीक्षक के द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण को असंतोषजनक पाया गया.ऐसे में अभियुक्त के विरूद्ध आरोप गठन एवं अपराध सिद्धि में कठिनाई के साथ ट्रायल को भी नुकसान पहुंचाने को कर्तव्यहीनता,स्वेच्छाचारिता व मनमानेपन मानते हुए सहायक अवर निरीक्षक रंजन कुमार झा को भी पुलिस अधीक्षक ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया.बहरहाल पुलिस अधीक्षक के द्वारा कार्य में लापरवाही बरतने पर तीन पुलिसकर्मियों के विरूद्ध निलंबन की कार्रवाई को एक सख्त व बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है.

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