मुख्य सामग्री पर जाएं
Recent

गुरू पूर्णिमा महोत्सव : तैयारियों का जायजा लेने खुद पहुंचे स्वामी आगमानंद

IMG 20190710 WA0015 1




लाइव खगड़िया (मुकेश कुमार मिश्र) : जिले के बेलदौर प्रखंड के कोसी इंटर विद्यालय पनसलबा में 15-16 जुलाई को आयोजित होने वाले 10वां गुरु पूर्णिमा महोत्सव  की तैयारियों का जायजा लेने बुधवार को श्री शिव शक्ति योग पीठ नवगछिया के पीठाधीश्वर परमहंस स्वामी आगमानंद जी महाराज पहुंचे. मौके पर उन्होंने कहा कि   गुरु पूर्णिमा संयम,सेवा ,स्वाध्याय, सानिध्य व समर्पण का पर्व है. कार्य व्यवस्था में आपसी परस्पर सम्बन्ध तथा वृद्ध पुरुष व महिला एवं लाचार को ससम्मान प्राथमिकता देना अनिवार्य है.

IMG 20190710 WA0015

महोत्सव को लेकर भव्य पंडाल का निर्माण

गुरू पूर्णिमा महोत्सव को लेकर तैयार किये जा रहे मंच को निर्माण कार्य के बाद रंग-बिरंगे फूलों की पंखुड़ियों से सुसज्जित किया जाएगा. वहीं तैयार किये जा रहे विशाल पंडाल का निर्माण कार्य भी अंतिम चरण में है.

सभी विभाग में कमिटी का गठन

कार्यक्रम में पच्चीस हजार से अधिक भक्त के पहुंचने का अनुमान है. जिसमें बिहार सहित रांची, धनबाद, बोकारो, लखनऊ, वाराणसी, जयपुर, दिल्ली, बेंगलुरु, कोलकता, मुम्बइ, चेन्नई, इंदौर, जबलपुर, असम, हैदराबाद, जम्मू कश्मीर आदि जगहों से स्वामी जी के शिष्य के उपस्थित होने की बातें कही जा रही है.




श्री शिव शक्ति योग पीठ का उद्देश्य

बताया जाता है कि अंग की धरती पर परमहंस स्वामी आगमानंद जी महाराज घर-घर में आध्यात्मिक ज्योति जलाकर लोगों को भगवान नाम का रस पान करा रहे हैं. इस क्रम में दर्जनों गांवों में लोगों को आध्यात्मिक, धार्मिक व समाजिक कार्यों में जोड़ कर एक सुन्दर सा परिवार बना दिया गया है. जबकि संस्था का मुख्य उद्देश्य धार्मिक कार्यों का आयोजन, मठ, मंदिर, धर्मशाला, गोशाला, विद्यालय व अस्पताल का निर्माण, आपदा के समय पीड़ितों की मदद, दीन-दुखियों व बच्चों-महिलाओं के सर्वांगीण कल्याण आदि बताया जाता है.

गुरु पूर्णिमा का महत्व

जीवन में गुरु एवं शिष्य के महत्व को आने वाले पीढ़ी को बताने के लिए यह दिन एक आदर्श दिन है. बताया जाता है कि गुरु का आशीर्वाद सर्वाधिक कल्याणकारी एवं ज्ञानवर्धक होता हैं और यह महोत्सव संस्कृत के प्रकांड विद्वान चारों वेद के रचयिता महर्षि वेद व्यास को समर्पित है. उनका जन्म आषाढ़ माह के पूर्णिमा के दिन हुआ था. उनके सम्मान में महोत्सव धूमधाम से मनाया जाता है और गुरू पूर्णिमा के दिन शिष्य अपने गुरु से आशीर्वाद प्राप्त करते हैं.


शेयर करें
शेयर
error: Content is protected !!