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खगड़िया : राजद में तूफान की आहट, सोशल साइट पर भड़का आक्रोश

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लाइव खगड़िया : लोकसभा चुनाव में खगड़िया संसदीय सीट पर महागठबंधन समर्थित वीआईपी के उम्मीदवार मुकेश सहनी की करारी हार के बाद जिला राजद में तूफान उठने की आहट सुनाई देने लगा है. फिलहाल चिंगारी सोशल साइट पर भड़क चुका है और राजनीतिक गलियारे में चर्चाएं तेज है कि वक्त के साथ यह जिला राजद में एक बड़ा हलचल मचा सकता है. यदि सोशल साइट के पोस्ट पर गौर किया जाये तो राजद के प्रदेश उपाध्यक्ष मौसम कुमार गोलू ने लिखा है कि पार्टी नेतृत्व की रणनीति तीन छोटे दलों को मिलाकर शीशमहल बनाने की रही थी. जो दिखने में सुंदर जरूर था लेकिन काम न कर पाया. आगे वो लिखते हैं कि समय के अनुसार बदलाव नहीं लाया गया तो वह दिन दूर नहीं जब राजद के खाते में कोई कैडर वोटर तक नहीं रहेगा. साथ ही वो कहते हैं कि मजबूत रणनीति के लिए मजबूत संगठन और मजबूत कार्यकर्ता की जरूरत है,ना कि गठबंधन की.

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दूसरी तरफ छात्र राजद के नेता सह मुख्य प्रवक्ता प्रदीप यादव ने तो जिले के कुछ राजद नेता को छुटभैये व दलाल तक की संज्ञा दे दी है. उल्लेखनीय है कि राजद के इन दोनों नेताओं ने लोकसभा चुनाव में महागठबंधन समर्थित उम्मीदवार के प्रचार में जमकर पसीने बहाये थे. लेकिन महागठबंधन की हार के बाद इनका आक्रोश सतह पर आ गया है.




उल्लेखनीय है कि महागठबंधन के घटक दलों के बीच सीट शेयरिंग में राजद की परंपरागत सीट वीआईपी कोटे में चली गई थी और इस सीट पर सन ऑफ मल्लाह मुकेश सहनी ने अपनी किस्मत अजमायी. लेकिन उन्हें एनडीए समर्थित लोजपा प्रत्याशी चौधरी महबूब अली कैसर से 2 लाख 48 हजार 5 सौ 70 मतो से शिकस्त खानी पड़ी. चुनाव परिणाम में गौर करने वाली बातें यह भी रही कि यादव बहुल संसदीय क्षेत्र के उस विधान सभा क्षेत्रों में भी महागठबंधन को मतों के मामले में पीछे रहना पड़ा जिसे राजद का मजबूत गढ माना जाता था. जिसमें जिले का अलौली विधान सभा क्षेत्र सहित समस्तीपुर का हसनपुर विधान सभा क्षेत्र शामिल है. गौरतलब है कि राजद से टिकट की रेस में शामिल पार्टी के पूर्व प्रत्याशी कृष्णा कुमारी यादव का अलौली ही नैहर है. जिन्हें चुनाव के ऐन वक्त पर राजद से निष्कासित कर दिया गया था. जिससे अलौली सहित संसदीय क्षेत्र के अन्य जगहों पर भी पूर्व विधायक रणवीर यादव व उनकी पत्नी कृष्णा कुमारी के समर्थक खार खाये बैठे थे. जिसका लाभ भी एनडीए के प्रत्याशी उठा ले गये. चर्चाएं है कि रणवीर-कृष्णा समर्थकों का भी सहयोग एनडीए प्रत्याशी को मिला है. इस बात को बल इसलिये भी मिल रहा है क्योंकि लोजपा प्रत्याशी के साथ कृष्णा कुमारी यादव के भाई की कई तस्वीरें चुनाव प्रचार के वक्त सामने आया था. रही सही कसर रणवीर यादव की पहली पत्नी व खगड़िया के जदयू विधायक पूनम देवी यादव ने एनडीए उम्मीदवार के पक्ष में ताबड़तोड़ चुनाव प्रचार कर पूरी कर दी. बहरहाल चुनाव परिणाम के बाद जिला राजद के आगे की हलचल को देखना दीगर होगा. दूसरी तरफ वर्तमान राजनीतिक हालत में राजद की चुनौतियां कम होता हुआ नहीं दिख रहा.


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