लाइव खगड़िया (मुकेश कुमार मिश्र) : बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव कार्यों की जमीनी हकीकत टटोलने मंगलवार को जिला पदाधिकारी (डीएम) विक्रम विरकर, गोगरी एसडीओ संजय कुमार, डीसीएलआर राजकुमार, प्रखंड विकास पदाधिकारी संतोष कुमार पंडित और अंचलाधिकारी (सीओ) हरिनाथ राम ने विभिन्न पंचायतों का दौरा किया। इस दौरान अधिकारियों ने कई स्थानों पर संचालित सामुदायिक किचन और बाढ़ राहत शिविरों का औचक निरीक्षण किया।
अधिकारियों ने शिविरों में भोजन की गुणवत्ता, साफ-सफाई और अन्य मूलभूत सुविधाओं का जायजा लिया तथा बाढ़ पीड़ितों से मिलकर उनकी समस्याएं सुनीं। इधर तेमथा करारी के समीप फ्लड फाइटिंग का कार्य भी जारी है।
22 स्थानों पर चल रहे सामुदायिक किचन
बीडीओ संतोष कुमार पंडित और सीओ हरिनाथ राम ने बताया कि परबत्ता प्रखंड के 10 पंचायतों में कुल 22 स्थानों पर सामुदायिक किचन संचालित किए जा रहे हैं, जहां बाढ़ पीड़ितों को प्रतिदिन दोनों समय पका हुआ भोजन मिल रहा है। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और फिलहाल क्षेत्र में हालात नियंत्रण में बताए जा रहे हैं।

प्रमुख राहत केंद्र
सौढ़ उत्तरी: वार्ड 9 सामुदायिक भवन के समीप, प्रा०वि० नया आवास कोरचक्का।
सौढ़ दक्षिणी: प्रा०वि० बुद्धनगर, भरतखंड शिव मंदिर।
भरसो: कुशवाहा टोला आंगनबाड़ी केंद्र 59, वार्ड 15 सामुदायिक भवन, आं०बां० केंद्र 62, पंचायत सरकार भवन।
लगार: बिशौनी ठाकुरबाड़ी, प्रा०वि० इंग्लिश लगार, सामुदायिक भवन चरघरिया।
माधवपुर व कबेला: माधवपुर यात्री शेड (वार्ड 8), म०वि० माधवपुर-1, पंचायत सरकार भवन कबेला, म०वि० डुमरिया खुर्द।
तेमथा करारी व अन्य: म०वि० जानकीचक, म०वि० मकतब, प्रा०वि० पंचखुट्टी (दरियापुर भेलवा), आं०बां० केंद्र 151 व 153 (सलारपुर चौक, कुल्हाड़िया)।
सभी शिविरों की निगरानी के लिए प्रभारी, सहायक प्रभारी और सुपर नोडल पदाधिकारियों की तैनाती की गई है।
पशु चारे का संकट गहराया
जलमग्न इलाकों में अब पशुपालकों के सामने मवेशियों के चारे की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। सूखा चारा सीमित होने और हरे चारे की मांग बढ़ने से कीमतों में भारी उछाल आया है, जिससे गरीब और सीमांत पशुपालकों के लिए अपने पशुओं को बचाना चुनौती बनता जा रहा है। प्रभावित लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द पर्याप्त मात्रा में सूखा और हरा चारा उपलब्ध कराने की मांग की है।






