लाइव खगड़िया (मुकेश कुमार मिश्र) : शिक्षक दिवस के अवसर पर जिला प्रशासन द्वारा सियादतपुर अगुआनी पंचायत के दो असाधारण शिक्षकों को उनकी उत्कृष्ट शैक्षणिक सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनकी दिव्यांगता के आधार पर नहीं, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में उनके समर्पण, कार्यकुशलता और काबिलियत को ध्यान में रखकर दिया गया।

डॉ. विकास सोलंकी: उच्च माध्यमिक विद्यालय रामचुआ, शंभूगंज (बांका) में प्रधानाध्यापक के पद पर कार्यरत डॉ. सोलंकी दोनों पैरों से दिव्यांग हैं। इसके बावजूद वे विद्यालय संचालन और शैक्षणिक व्यवस्था को पूरी कुशलता से संभाल रहे हैं। साहित्य के क्षेत्र में भी उनकी विशेष पहचान है और वे कई पुस्तकों के लेखक हैं। बांका के जिला पदाधिकारी ने स्वयं जमीन पर बैठकर उन्हें सम्मानित किया, जो संवेदनशीलता और सम्मान का एक भावुक पल बन गया।

सच्चिदानंद तांती: बिहार केसरी उच्च विद्यालय, डुमरिया बुजुर्ग में पदस्थापित श्री तांती दृष्टिबाधित होने के बावजूद बच्चों को हिंदी विषय बेहद प्रभावी ढंग से पढ़ाते हैं। उनकी अनूठी शिक्षण शैली और मेहनत ने उन्हें विद्यालय में एक मिसाल बना दिया है।
इन दोनों शिक्षकों की यात्रा साबित करती है कि मजबूत इच्छाशक्ति और शिक्षा के प्रति समर्पण के आगे शारीरिक सीमाएं और चुनौतियां मायने नहीं रखतीं। उनका यह सम्मान न केवल पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है, बल्कि नई पीढ़ी के लिए एक प्रेरणास्त्रोत भी है।






