लाइव खगड़िया (मुकेश कुमार मिश्र) : जिले के युवा अभिनेता सुमन शेखर और निर्देशक जोड़ी प्रशांत बेयबार एवं विशाल तिवारी की लघु फ़िल्म ‘ख्वाबीदा’ ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इस फ़िल्म ने NIFFA 2026 (National Indian Film Festival of Australia) में ‘बेस्ट शॉर्ट फ़िल्म’ का अवॉर्ड अपने नाम किया है। इससे पहले भी यह फ़िल्म देशभर के स्वतंत्र फ़िल्म समारोहों में सराही जा चुकी है, लेकिन इस अंतरराष्ट्रीय सम्मान ने इसे वैश्विक पहचान दिला दी है।
जूरी ने की लेखन और अभिनय की सराहना
फ़िल्म महोत्सव की ओर से जारी टिप्पणी में कहा गया कि निर्णायक मंडल बार-बार फ़िल्म के लेखन की गहराई और कलाकारों के भावपूर्ण अभिनय की ओर आकर्षित हुआ।
प्रमुख सराहना: विशेष रूप से नम्रता वर्श्नेय और सुमन शेखर के अभिनय को ‘असाधारण’ बताया गया।
निर्देशन: निर्देशक प्रशांत बेयबार और विशाल तिवारी के काम की प्रशंसा करते हुए कहा गया कि उन्होंने ऐसी फ़िल्म बनाई है, जो बिना किसी अतिरिक्त व्याख्या के दर्शकों तक अपनी बात बेहद प्रभावशाली ढंग से पहुँचाती है।

निरंतर मिल रही है वैश्विक सफलता
खगड़िया के प्रसिद्ध साहित्यकार स्मृतिशेष कैलाश झा किंकर के छोटे पुत्र सुमन शेखर साहित्य और रंगमंच से जुड़ते हुए पिछले एक दशक से दिल्ली और अब मुंबई में सक्रिय हैं। उनकी फ़िल्मों और रंगकर्म को लगातार बड़ी सफलता मिल रही है:
‘द सैडिस्ट’ (The Saddist): इस फ़िल्म की स्क्रीनिंग जर्मनी में हो चुकी है।
‘लाइफ टाइम डेथ’ (Life Time Death): पिछले महीने ही इस फ़ीचर फ़िल्म के लिए उन्हें नेपाल इंटरनेशनल फ़िल्म फेस्टिवल में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का सम्मान मिला है।
क्षेत्र में हर्ष का माहौल
‘ख्वाबीदा’ की यह उपलब्धि केवल फ़िल्म टीम के लिए ही नहीं, बल्कि खगड़िया, अंग और मिथिला क्षेत्र के लिए भी गौरव का विषय है। स्थानीय साहित्यकारों और सांस्कृतिक जगत से जुड़े लोगों ने इसे इस क्षेत्र की रचनात्मक प्रतिभा की अंतरराष्ट्रीय पहचान बताते हुए पूरी टीम को बधाई दी है।






