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परबत्ता

अनोखी आस्था: पिता-पुत्र ने शुरू की दंड प्रणाम करते हुए 34 दिनों की देवघर यात्रा, 12 साल का मासूम भी बना सहयात्री

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लाइव खगड़िया (मुकेश कुमार मिश्र): जिले के परबत्ता प्रखंड के दरियापुर भेलवा पंचायत अंतर्गत सिरिया टोला नयागांव निवासी निर्मल कुमार और उनके 12 वर्षीय पुत्र मनेंद्र ने शुक्रवार को एक अत्यंत कठिन, अनोखी और गहरी आस्था से भरी देवघर यात्रा की शुरुआत की है। घर के समीप कुलदेवता के स्थान पर विधिवत पूजा-अर्चना करने के बाद दोनों पिता-पुत्र ने दंड प्रणाम करते हुए बाबा बैद्यनाथ धाम के लिए प्रस्थान किया।

दूसरी बार कर रहे हैं दंड प्रणाम यात्रा

निर्मल कुमार ने बताया कि वे अपने जीवन में दूसरी बार दंड प्रणाम के सहारे बाबा बैद्यनाथ धाम की यात्रा पर निकले हैं। भगवान शिव के प्रति उनकी अगाध आस्था है, और उनका मानना है कि बाबा की कृपा से ही इस अत्यंत कठिन साधना को पूरा करने का संबल मिलता है। इस बार उन्होंने अपने 12 वर्षीय पुत्र मनेंद्र को भी इस संकल्प में शामिल किया है।

संस्कार और श्रद्धा की अनूठी मिसाल बने मासूम मनेंद्र

महज पांचवीं कक्षा में पढ़ने वाला 12 वर्षीय मनेंद्र अपने पिता के साथ कदम से कदम और दंड से दंड मिलाकर आगे बढ़ रहा है। कम उम्र में उसकी यह अटूट श्रद्धा और कठिन साधना मार्ग में देखने वाले हर शख्स के लिए चर्चा का विषय बनी हुई है। राह चलते लोग पिता-पुत्र की इस निष्ठा को नमन करते हुए ‘बम-बम भोले’ के जयकारे लगा रहे हैं।

30 से 34 दिनों का है कठिन सफर

यात्रा के संबंध में बात करते हुए निर्मल कुमार ने कहा कि…

बाबा के दरबार तक पहुंचना ही जीवन का सबसे बड़ा उद्देश्य है। रास्ता कितना भी कठिन क्यों न हो, भोले बाबा की असीम कृपा और अटूट विश्वास के सहारे यह यात्रा सफलतापूर्वक पूरी होगी।”

मिली जानकारी के अनुसार, परबत्ता से बाबा बैद्यनाथ धाम तक की यह दंड प्रणाम यात्रा लगभग 30 से 34 दिनों में पूरी होगी। पिता-पुत्र का यह दृढ़ संकल्प क्षेत्र में आकर्षण और श्रद्धा का केंद्र बना हुआ है।

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