लाइव खगड़िया (मुकेश कुमार मिश्र): बिहार के बाढ़ प्रभावित और जलमग्न क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की दिशा में खगड़िया जिला एक बार फिर अनूठी पहल का गवाह बना है। जिले के परबत्ता प्रखंड स्थित अगुवानी घाट पर राज्य का इकलौता ‘फ्लोटिंग क्लिनिक’ (तैरता हुआ स्वास्थ्य केंद्र) तैयार किया गया है, जो गंगा की धार के बीच स्थानीय लोगों, श्रद्धालुओं और बाढ़ पीड़ितों के लिए जीवनदायिनी साबित हो रहा है।
सावन माह से नियमित रूप से संचालित इस तैरते अस्पताल में आपातकालीन सेवाओं सहित चौबीस घंटे चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा प्रभारी डॉ. कशिश ने बताया कि इस फ्लोटिंग क्लिनिक पर एक अनुभवी चिकित्सक और दो स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती की गई है। यहां मरीजों के प्राथमिक उपचार के साथ-साथ गंभीर व आपात स्थितियों से निपटने के लिए आवश्यक दवाइयां और चिकित्सा उपकरण मौजूद हैं।
सुरक्षित प्रसव की सुविधा उपलब्ध
इस तैरती चिकित्सा इकाई की सबसे बड़ी खूबी यह है कि आपात स्थिति में गर्भवती महिलाओं का सुरक्षित प्रसव भी यहीं कराया जा सकता है। नदी के बीच या बाढ़ के दौरान अचानक स्वास्थ्य संबंधी कोई भी गंभीर समस्या उत्पन्न होने पर अब मरीजों को जिला मुख्यालय या मुख्य अस्पतालों तक पहुंचने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा, बल्कि उन्हें तत्काल ऑन-स्पॉट मेडिकल रिलीफ मिल जाएगी।
खगड़िया में पहले भी शुरू हुई थी बोट एम्बुलेंस
गौरतलब है कि बाढ़ के दिनों में मरीजों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए अगस्त 2020 में तत्कालीन जिलाधिकारी आलोक रंजन घोष के कार्यकाल में खगड़िया में ही ‘बोट एम्बुलेंस’ सेवा की शुरुआत की गई थी। उसी दूरदर्शी सोच को आगे बढ़ाते हुए स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के प्रयासों से इस आधुनिक फ्लोटिंग क्लिनिक को मूर्त रूप दिया गया है।
गंगा के जलस्तर में उतार-चढ़ाव और बाढ़ की विभीषिका के बीच यह फ्लोटिंग क्लिनिक आपदा प्रभावित इलाकों के लिए एक मजबूत स्वास्थ्य सुरक्षा कवच बनकर उभर रहा है।






