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परबत्ता

विधानसभा में गूँजी परबत्ता की समस्याएँ, जलजमाव और पुल निर्माण पर सरकार का आश्वासन

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लाइव खगड़िया : परबत्ता विधानसभा क्षेत्र की दो प्रमुख समस्याओं—गोगरी में जलजमाव और सतीशनगर-आश्रमटोला के बीच आवागमन—को लेकर विधायक बाबूलाल शौर्य ने बिहार विधानसभा में सरकार को घेरा। तारांकित प्रश्नों के माध्यम से उठाए गए इन मुद्दों पर विभागीय मंत्रियों ने सदन में विस्तृत जवाब पेश करते हुए समाधान के लिए जारी योजनाओं की जानकारी दी।

1. गोगरी जलजमाव: 1000 एकड़ भूमि को मिलेगा नया स्लुइस गेट

विधायक ने सदन को अवगत कराया कि गोगरी प्रखंड के सर्किल संख्या-1 में करीब 1000 एकड़ कृषि योग्य भूमि सालों भर पानी में डूबी रहती है। कोसी नदी में गाद जमा होने के कारण स्लुइस गेट से जल निकासी नहीं हो पा रही, जिससे किसान बुआई नहीं कर पा रहे हैं।

  • सरकार का पक्ष: जल संसाधन विभाग ने बताया कि वर्तमान में बदलाघाट-नगरपाड़ा तटबंध के किमी 34.50 पर स्थित गेट से निकासी हो रही है।
  • समाधान: विभाग ने घोषणा की है कि किमी 34.00 पर एक नया एंटी फ्लड स्लुइस गेट बनाया जा रहा है। इसे इसी वित्तीय वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य है, जिससे जलजमाव की समस्या का स्थायी समाधान होगा।
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2. परबत्ता: गंगा की उपधारा पर पुल निर्माण की प्रक्रिया तेज

​परबत्ता की भौगोलिक स्थिति (उत्तर में कोसी और दक्षिण में गंगा) का हवाला देते हुए विधायक ने कहा कि सतीशनगर से आश्रमटोला गोगरी के बीच छोटे पुलों के अभाव में 80 प्रतिशत किसान और मजदूर आबादी का व्यापार व आवागमन ठप रहता है।

  • विभाग की कार्रवाई: पथ निर्माण विभाग ने जवाब में स्पष्ट किया कि सतीशनगर सीमा से आश्रमटोला के बीच (रामपुर ग्राम के आगे) नए पुल के निर्माण की प्रक्रिया प्रगति पर है।
  • भविष्य की योजना: तकनीकी व्यवहार्यता और संसाधनों की उपलब्धता के आधार पर अन्य पुलों के निर्माण पर भी विचार किया जाएगा।

विभागीय मंत्रियों के इन आश्वासनों से खगड़िया के किसानों और व्यापारियों में नई उम्मीद जगी है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से न केवल कृषि उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि क्षेत्र की व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।

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