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डेटिंग ऐप का खौफनाक जाल! नोटों के बिस्तर पर सोने वाली ‘लुटेरी गर्लफ्रेंड’ बेनकाब

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लाइव खगड़िया: आज के डिजिटल दौर में डेटिंग ऐप्स और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल जहां नए रिश्तों की शुरुआत के लिए हो रहा है, वहीं इसका दूसरा खतरनाक पहलू भी सामने आ रहा है। उत्तर प्रदेश से एक ऐसी फिल्मी कहानी जैसी सनसनीखेज घटना सामने आई है, जिसे जानकर हर कोई हैरान है। यहाँ एक शातिर ‘लुटेरी गर्लफ्रेंड’ ने भोले-भाले और रईस लोगों को अपने जाल में फंसाकर उन्हें ब्लैकमेल करने का एक बड़ा काला कारोबार फैला रखा था।

कैसे चलता था पूरा खेल?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, आरोपी युवती ने टिंडर (Tinder) जैसे लोकप्रिय डेटिंग ऐप्स और विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कई फर्जी नाम और आईडी बना रखी थीं। इन प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से वह युवकों से दोस्ती करती, घंटों वीडियो कॉल पर लंबी बातें करती और फिर शादी का झांसा देकर उन्हें होटलों या फ्लैट्स पर मिलने के लिए बुलाती थी।

मुलाकातों के दौरान सुनियोजित तरीके से निजी पलों के वीडियो और अश्लील तस्वीरें तैयार कर ली जाती थीं। इसके बाद शुरू होता था ब्लैकमेलिंग और वसूली का असली खेल।

झूठे मुकदमों का डर दिखाकर ऐंठे जाते थे रुपये

यदि कोई पीड़ित व्यक्ति पैसे देने से आनाकानी करता था, तो यह युवती तुरंत आक्रामक रुख अपनाते हुए उस पर दुष्कर्म (Rape), छेड़छाड़ और जान से मारने की कोशिश जैसे गंभीर और गैर-जमानती धाराओं में मुकदमे दर्ज करवा देती थी। कानूनी शिकंजे के डर से कई पीड़ित चुपचाप मुंह मांगी रकम देने को मजबूर हो जाते थे।

नोटों के बिस्तर वाली तस्वीरें हुईं वायरल

इस मामले के उजागर होने के बाद युवती की कुछ बेहद चौंकाने वाली तस्वीरें सामने आई हैं, जिनमें वह भारी-भरकम नकदी और नोटों की गड्डियों से बने बिस्तर पर आराम फरमाती नजर आ रही है। यह तस्वीरें इस बात का पुख्ता प्रमाण मानी जा रही हैं कि उसने ठगी के जरिए अकूत संपत्ति जुटाई है।

प्रशासन तक पहुंचा मामला, कड़ी कार्रवाई की मांग

इस पूरे कुकृत्य का भंडाफोड़ तब हुआ जब प्रयागराज के एक पीड़ित हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता, नूर आलम ने इस गिरोह के खिलाफ मोर्चा खोला। उन्होंने इस शातिर युवती और उसके सहयोगियों के तमाम काले कारनामों के साक्ष्य जुटाकर सीधे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के पास औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है।

जांच में यह भी सामने आया है कि इस महिला के खिलाफ अकेले लखनऊ और प्रयागराज में ही 14 से ज्यादा संगीन मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस और प्रशासन अब इस हाई-प्रोफाइल ब्लैकमेलिंग सिंडिकेट के अन्य सदस्यों की तलाश में जुट गया है।

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