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परबत्ता

खगड़िया की बेटी डॉ. राज रानी बनीं असिस्टेंट प्रोफेसर, सरकारी स्कूल से बीएचयू तक का तय किया सफर

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लाइव खगड़िया (मुकेश कुमार मिश्र) : जिले के परबत्ता प्रखंड के बैसा पंचायत निवासी कैलाश पति चौरसिया की कनिष्ठ पुत्री डॉ. राज रानी ने बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग द्वारा आयोजित असिस्टेंट प्रोफेसर की परीक्षा में सफलता हासिल कर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि से उनके पैतृक गांव और परिवार में हर्षोल्लास का माहौल है।

ग्रामीण पृष्ठभूमि से लेकर उच्च शिक्षा तक का प्रेरणादायक सफर

डॉ. राज रानी की यह सफलता इसलिए भी विशेष है क्योंकि उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा एक साधारण सरकारी स्कूल से पूरी की। इसके बाद उन्होंने अपनी शैक्षणिक यात्रा को आगे बढ़ाते हुए:

तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय से स्नातक एवं परास्नातक की डिग्री प्राप्त की।

भारत की लोकसभा में इंटर्नशिप जैसी प्रतिष्ठित जिम्मेदारी निभाई।

काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) से समाजशास्त्र विषय में पीएचडी की उपाधि हासिल की।

सीमित संसाधनों में गढ़ी सफलता की इबारत

अपनी इस कामयाबी पर डॉ. राज रानी ने साझा किया कि वह एक साधारण ग्रामीण पृष्ठभूमि से ताल्लुक रखती हैं। तमाम सीमित संसाधनों और चुनौतियों के बीच उन्होंने कभी अपने सपनों को छोटा नहीं होने दिया। उनके अनुसार, परिवार, गुरुजनों और शुभचिंतकों का निरंतर विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी ताकत रहा।

उन्होंने कहा कि असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर उनका चयन मात्र एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण अंचल की हर उस बेटी के लिए संदेश है जो बड़े सपने देखती है। यदि लक्ष्य स्पष्ट हो, मेहनत में ईमानदारी हो और आत्मविश्वास अटूट रहे, तो कोई भी मंजिल हासिल की जा सकती है।

डॉ. राज रानी ने अपनी इस सफलता का पूरा श्रेय अपने माता-पिता, शिक्षकों और सभी शुभचिंतकों को देते हुए उनके प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया है। उनकी इस सफलता ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि दृढ़ संकल्प, कड़ी मेहनत और सच्ची लगन के बल पर ग्रामीण परिवेश की प्रतिभाएं भी सर्वोच्च मुकाम पा सकती हैं।

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