लाइव खगड़िया : जिले के युवा शोधकर्ता आशुतोष कुमार सिंह ने सौर ऊर्जा आधारित जल शोधन की एक नई तकनीक विकसित कर राष्ट्रीय स्तर पर खगड़िया और पूरे बिहार का मान बढ़ाया है। राजस्थान की राजधानी जयपुर में आयोजित ‘राजस्थान ग्रीन इनोवेशन चैलेंज-2026’ में आशुतोष और उनकी टीम को देश भर में प्रथम पुरस्कार से नवाजा गया है। यह प्रतिष्ठित सम्मान उन्हें राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के हाथों प्राप्त हुआ।

मूल रूप से करना गांव निवासी तथा वर्तमान में खगड़िया चंद्रनगर स्थित अपने ननिहाल में रहने वाले आशुतोष कुमार सिंह, पूर्व वायु सैनिक व सिविल कोर्ट खगड़िया के वरिष्ठ अधिवक्ता रामविलास सिंह तथा शिक्षिका ललिता देवी के होनहार पुत्र हैं।

क्या है यह तकनीक और क्यों है खास?
यह शोध राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) राउरकेला में प्रोफेसर शुभंकर पाल के मार्गदर्शन में पूरा किया गया। इस शोध दल में आशुतोष के साथ पश्चिम बंगाल के अमित श्यामल और ओडिशा के तरिणी आशीष साहू भी शामिल थे।
कम लागत में जल शोधन: यह तकनीक गंदे और प्रदूषित पानी को साफ करने के लिए पूरी तरह सौर ऊर्जा (Sunlight) पर निर्भर है।
हानिकारक रसायनों का खात्मा: इसमें पानी की सतह पर तैरने वाले एक विशेष मटेरियल का उपयोग किया जाता है, जो सूर्य की रोशनी की मदद से पानी के हानिकारक रसायनों, रंगों और बैक्टीरिया को नष्ट कर देता है।
भविष्य की उम्मीद: विशेषज्ञों के अनुसार, उद्योगों से निकलने वाले अपशिष्ट जल के उपचार में यह तकनीक बेहद किफायती और पर्यावरण-अनुकूल साबित होगी।

बिहार के लिए विशेष महत्व
कृषि प्रधान बिहार के संदर्भ में इस तकनीक को बेहद क्रांतिकारी माना जा रहा है। गंगा, कोसी, बागमती जैसी प्रमुख नदियों को औद्योगिक प्रदूषण से बचाने, जल पुनर्चक्रण (Water Recycling) और ग्रामीण इलाकों में स्वच्छ पेयजल पहुंचाने में इससे बड़ी मदद मिल सकती है।
जिले में बधाई का तांता
आशुतोष की इस स्वर्णिम सफलता पर खगड़िया के बुद्धिजीवियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और युवाओं में भारी उत्साह है। सामाजिक कार्यकर्ता अमरीष कुमार, पीएचडी छात्र सन्नी राज सहित जिले के कई गणमान्य लोगों और शिक्षाविदों ने आशुतोष तथा उनके माता-पिता को बधाई दी है। लोगों का कहना है कि आशुतोष की यह सफलता जिले के अन्य छात्र-छात्राओं के लिए एक बड़ा प्रेरणास्रोत बनेगी।
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