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परबत्ता

भुगतान को लेकर भिड़े BDO और प्रमुख, कमीशन का आरोप और ‘वायरल वीडियो’ से मचा हड़कंप

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लाइव खगड़िया (मुकेश कुमार मिश्र) : जिले के परबत्ता प्रखंड के आईटी भवन से सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो ने प्रशासनिक महकमे में खलबली मचा दी है। वायरल वीडियो में प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) संतोष कुमार पंडित कथित तौर पर प्रखंड प्रमुख रीता देवी पर झुंझलाते हुए कह रहे हैं— “पेमेंट नहीं करेंगे, जाइए जिसको कहना है कह दीजिए।” इस वीडियो के सामने आने के बाद प्रखंड में चर्चाओं का बाजार गर्म है और अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के बीच का टकराव खुलकर सामने आ गया है।

वायरल वीडियो

प्रमुख का आरोप: “काम पूरा, लेकिन कमीशन के लिए अटकाया भुगतान”

​प्रखंड प्रमुख रीता देवी ने मीडिया से मुखातिब होते हुए बीडीओ पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार:

  • योजनाएं: कोलवारा एवं नवटोलिया में पोखर निर्माण और भोरकाठ में पेवर ब्लॉक का कार्य करीब आठ माह पूर्व ही पूर्ण हो चुका है।
  • भ्रष्टाचार का आरोप: प्रमुख का दावा है कि बीडीओ 18 प्रतिशत कमीशन की मांग कर रहे हैं। कमीशन न देने पर वेंडरों और मजदूरों का भुगतान जानबूझकर रोका जा रहा है।
  • दुर्व्यवहार: प्रमुख ने कहा कि एक तरफ सरकार महिला सशक्तिकरण की बात करती है, वहीं दूसरी ओर प्रखंड स्तर के अधिकारी महिला जनप्रतिनिधियों के साथ धमकी भरे लहजे में बात करते हैं।

BDO की सफाई: “दबाव और मानसिक टॉर्चर का खेल”

​वहीं, दूसरी ओर बीडीओ संतोष कुमार पंडित ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे निराधार बताया है। उनका पक्ष है कि:

  • जांच प्रक्रिया: संबंधित योजनाओं की जांच अभी लंबित है। जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक सरकारी राशि का भुगतान करना संभव नहीं है।
  • प्रत्यारोप: उन्होंने आरोप लगाया कि प्रमुख द्वारा भुगतान के लिए उन पर अनैतिक दबाव बनाया जा रहा है और उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित (टॉर्चर) किया जा रहा है।
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सियासी उबाल और प्रशासनिक साख पर सवाल

वीडियो वायरल होने के बाद क्षेत्र का राजनीतिक माहौल गरमा गया है। आम जनता के बीच यह सवाल तैर रहा है कि क्या वाकई योजनाओं में अनियमितता है या फिर ‘जांच’ की आड़ में विकास कार्यों को बाधित किया जा रहा है?

​फिलहाल, इस विवाद ने प्रखंड प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच के कड़वे रिश्तों को उजागर कर दिया है। अब सभी की निगाहें जिला प्रशासन और उच्चाधिकारियों पर टिकी हैं कि वे इस मामले में क्या रुख अपनाते हैं और जांच में सच्चाई किसके पक्ष में आती है।

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