Breaking News
IMG 20260107 WA0047

परबत्ता: 15 साल, 30 लाख की निकासी, फिर भी अधूरा ‘मुख्यमंत्री खेल विकास स्टेडियम’

लाइव खगड़िया (मुकेश कुमार मिश्र): बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाएं किस कदर भ्रष्टाचार और प्रशासनिक उदासीनता की भेंट चढ़ती हैं, इसका जीता-जागत नमूना परबत्ता प्रखंड के इंटर उच्च विद्यालय कन्हैयाचक के मैदान में देखने को मिल रहा है। यहाँ ‘मुख्यमंत्री खेल विकास योजना’ के तहत बनने वाला आउटडोर स्टेडियम 15 वर्षों के बाद भी खिलाड़ियों का इंतजार कर रहा है।

भ्रष्टाचार के खेल में उलझा खिलाड़ियों का भविष्य

योजना संख्या 450/2009-10 के तहत इस स्टेडियम का निर्माण 11 मार्च 2010 को शुरू हुआ था। स्वीकृत आंकड़ों के अनुसार:

  • कुल प्राक्कलित राशि: ₹33,21,700
  • अब तक आवंटित राशि: ₹30,00,000
  • शेष राशि: ₹3,21,700

हैरानी की बात यह है कि कुल बजट का लगभग 90% हिस्सा निकाला जा चुका है, लेकिन धरातल पर काम आज भी अधूरा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण एजेंसी ने राशि निकासी में तो तत्परता दिखाई, लेकिन निर्माण कार्य को बीच में ही छोड़ दिया।

गुमनाम एजेंसी और प्रशासनिक चुप्पी

इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल ‘पारदर्शिता’ पर खड़ा होता है। न तो कार्य स्थल पर कोई बोर्ड लगा है और न ही सरकारी अभिलेखों में स्पष्ट तौर पर कार्य एजेंसी का नाम दर्ज है। आखिर इतनी बड़ी राशि किसे भुगतान की गई और काम अधूरा रहने पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई?

40% OFF ON AMAZON, ORDER NOW

क्या कहते हैं जनप्रतिनिधि?

​”स्टेडियम का कार्य अधूरा है। मैंने कई बार लिखित रूप में संबंधित मंत्री को अवगत कराया है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि कार्य हर हाल में पूरा कराया जाएगा।”

डॉ. संजीव कुमार (पूर्व विधायक, परबत्ता)

​”15 वर्षों तक एक स्टेडियम का पूर्ण न होना भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा है। इस मामले में संबंधित विभाग को कड़ी कार्रवाई हेतु पत्र लिखा जाएगा।”

बाबूलाल शौर्य (विधायक, परबत्ता)

खिलाड़ियों में आक्रोश

स्थानीय युवाओं और खेल प्रेमियों का कहना है कि स्टेडियम की कमी के कारण वे अपनी प्रतिभा निखारने से वंचित हैं। क्षेत्र के लोगों ने अब इस मामले की उच्चस्तरीय जांच और दोषी अधिकारियों व ठेकेदारों पर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है।

Check Also

IMG 20260721 WA0004

गंगा की उपधारा में डूबने से 76 वर्षीय पशुपालक की मौत, अहले सुबह बरामद हुआ शव

गंगा की उपधारा में डूबने से 76 वर्षीय पशुपालक की मौत, अहले सुबह बरामद हुआ शव

error: Content is protected !!