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राजनीति के एक युग का अंत, केन्द्रीय मंत्री रामविलास पासवान का निधन

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लाइव खगड़िया (मनीष कुमार) : लोक जनशक्ति पार्टी के संस्‍थापक व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान का निधन हो गया है. गुरुवार की शाम उन्‍होंने दिल्ली के अस्‍पताल में अंतिम सांस ली. सोशल साइट पर उनके निधन की पुष्टि एलजेपी के अध्‍यक्ष व उनके बेटे चिराग पासवान ने कुछ इन शब्दों के साथ की है…

“पापा….अब आप इस दुनिया में नहीं हैं लेकिन मुझे पता है आप जहां भी हैं हमेशा मेरे साथ हैं ।

Miss you Papa..”

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रामविलास पासवान जिले के शहरबन्नी गांव के थे. उनका जन्म 5 जुलाई 1946 को एक दलित परिवार जामुन पासवान और सिया देवी के घर हुआ था. रामविलास पासवान की गिनती भारतीय राजनीति के प्रमुख नेताओं में से एक की होती थी. साल 1969 में वे बिहार विधान सभा के सदस्य बने. वर्ष 1977 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने हाजीपुर से 4,24,545 वोटों से जीत अर्जित कर सर्वाधिक मार्जिन से जीतने वाले उम्मीदवार के तौर पर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज करवाया. 1980 से लेकर 2000 तक वे लोकसभा चुनाव जीतते रहे और केंद्रीय मंत्री रहे. साल 2000 में उन्होंने लोक जनशक्ति पार्टी का गठन किया और वर्ष 2014 में लोजपा ने बिहार में 6 लोकसभा सीटों पर जीत दर्ज की. जिसमें रामविलास पासवान के बेटे चिराग पासवान की जमुई लोकसभा से जीत भी शामिल था. बहरहाल चिराग पासवान ही लोजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं. 

रामविलास पासवान 2004 से लेकर 2009 तक मनमोहन सिंह के कार्यकाल में उर्वरक मंत्री रहे थे. इसके पूर्व वर्ष 2001 से 2002 तक अटल बिहारी बाजपेयी की सरकार में केंद्रीय खनिज मंत्री की जिम्मेदारी संभाली थी. जबकि 1999 से लेकर 2000 तक अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में वे केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री रहे थे. इसके पूर्व 1996 से 1998 तक वे भारत के रेल मंत्री भी रहे. उनके जाने से खगड़िया ने अपना लाल व देश ने राजनीतिक जगत के अनमोल सितारा को खो दिया है. 

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