लाइव खगड़िया: बिहार के जमुई जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ मारवा और प्रतापपुर के बीच पहाड़ी क्षेत्र में एक लड़का और लड़की के साथ कुछ लोगों द्वारा अभद्र व्यवहार और गाली-गलौज किए जाने का मामला सामने आया है। इस घटना का वीडियो 21 सितंबर 2026 को सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था, जिसके बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
घटना और पुलिस की त्वरित कार्रवाई
पुलिस को सोशल मीडिया निगरानी के दौरान यह वीडियो मिला, जिसके बाद तकनीकी सत्यापन और त्वरित कार्रवाई करते हुए जमुई थाना में कांड संख्या 428/26, दिनांक 21.09.2026 दर्ज किया गया। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 74, 76, 3(5) और पोक्सो (POCSO) एक्ट की धारा 8/12 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
मुठभेड़ के बाद मुख्य आरोपी गिरफ्तार
जमुई पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए घटना के 24 घंटे के भीतर ही दबिश बढ़ानी शुरू कर दी थी। दिनांक 22 सितंबर 2026 की सुबह पुलिस को मिली गुप्त सूचना के आधार पर मुख्य आरोपी हरे राम यादव को दबोचा गया, जो भागने के प्रयास में गिरकर घायल हो गया था। इसके बाद, दूसरे मुख्य आरोपी नंदन यादव की घेराबंदी की गई, जिसने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में वह जख्मी हो गया, जिसे पुलिस ने अपनी गिरफ्त में ले लिया।
वीडियो वायरल करने वालों पर भी कसा शिकंजा
नाबालिग पीड़ितों की पहचान सार्वजनिक कर उनकी गोपनीयता भंग करने और उन्हें मानसिक प्रताड़ना देने वाले सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं के खिलाफ भी पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। इस संबंध में जमुई साइबर थाना कांड संख्या 45/2026 (IT Act और POCSO Act की धाराओं के तहत) दर्ज कर वीडियो वायरल करने वाले 3 अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है।
जमुई थाना कांड संख्या 428/26 के तहत गिरफ्तारी
तीन विधि विरुद्ध बालक (नाबालिग)
नंदन यादव (पिता – गनौरी यादव, प्रतापपुर, जमुई)
हरे राम यादव (पिता – दीपू यादव, प्रतापपुर, जमुई)
साइबर थाना कांड संख्या 45/2026 के तहत गिरफ्तारी
कुंदन कुमार (पिता – हरी ओम प्रसाद यादव, ग्राम औरैया, सोनो)
फ़ैयाज़ (पिता – सरफुद्दीन, अरसार, जमुई)
रामाशीष कुमार (पिता – प्रभु चौधरी, अलीगंज, चन्द्रदीप)
पुलिस की कड़ी चेतावनी और अपील
जमुई पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि इस तरह के किसी भी आपत्तिजनक वीडियो या कंटेंट को सोशल मीडिया पर शेयर या फॉरवर्ड न करें। ऐसा करने से नाबालिग पीड़ितों को गंभीर मानसिक और सामाजिक क्षति पहुँचती है, और ऐसा करने वालों के खिलाफ आगे भी कठोर कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।






