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गजाधर सलारपुरिया की पुण्यतिथि पर जरूरतमंदों के बीच खाद्य सामग्री का वितरण

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लाइव खगड़िया (मुकेश कुमार मिश्र) : जिले के परबत्ता  प्रखंड के लगार पंचायत अंतर्गत बिशौनी गांव में मंगलवार को स्व. गजाधर सलारपुरिया की 18वीं पुण्यस्मृति के अवसर पर उनकी पत्नी शारदा देवी सलारपुरिया के वित्तीय सहायता से कौशल कुमार मिश्र उर्फ पप्पु मिश्र के द्वारा 3 सौ गरीब व दिव्यांगों के बीच चावल दाल, नमक और आलू के पैकेट जैसे खाद्य सामग्री सहित जितिया व्रत करने वाली महिलाओं के बीच साड़ी का वितरण किया गया. इस क्रम में प्रति परिवार पांच किलो चावल, एक किलो दाल,वएक किलो आलू तथा एक किलो नमक प्दिया गया. जिसके लिए उदयपुर, बिशौनी, सलारपुर, खजरैठा, परबत्ता, खनुआ राका के अति निर्धन परिवारों का चयन किया गया था. मौके पर धीरेन्द्र मिश्र उर्फ महंत जी, सुमन पाठक, जयप्रकाश यादव आदि मौजूद थे. बताया जाता है कि गरीबों के सहयोग का कार्य विगत दो दशकों से किया जा रहा है.

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समृद्ध है सलारपुरिया का इतिहास

सलारपुरिया ग्रुप के संस्थापक गजाधर जी सलारपुरिया का जन्म जिले के सलारपुर गांव के एक सम्पन्न किसान एवं व्यवसायी परिवार में हुआ था. चार्टर्ड एकाउंटेट की पढाई के बाद उन्होंने सलारपुरिया जाजोदिया एण्ड कंपनी नामक फर्म का गठन किया था. भागलपुर में इस कंपनी ने रावतमल नोपानी छात्रावास बनवाया गया है. सलारपुर गांव में प्रतिष्ठित जगन्नाथ राम उच्च विद्यालय तथा मंदिर आदि का निर्माण कार्य में इनका ही सहयोग रहा है. 

बाद के दिनों में कंपनी का विस्तार कलकत्ता तथा बंगलोर में हो गया. जहां कंपनी ने महाराजा अग्रसेन अस्पताल का निर्माण किया. वर्ष 1990 के दशक में सलारपुर से इस परिवार के सभी लोग बेहतर व्यवसाय को लेकर स्थायी रूप से पलायन कर गये. लेकिन इलाके के प्रति उका लगाव आज भी है. क्षेत्र में विभिन्न जनकल्याण कार्यक्रमों के संचालन के लिये वे समय समय पर धनराशि उपलब्ध कराते रहे हैं. बताया जाता है कि कंपनी में आज की तिथि में इलाके के हजारों युवाओं को नौकरी मिली हुई है. वर्ष 2003 में जी डी सलारपुरिया का निधन हो गया. लेकिन तबतक यह कंपनी विनिर्माण के क्षेत्र में बहुराष्ट्रीय कंपनी बन चुकी थी. आज देश के विभिन्न राज्यों के अलावा 20 देशों में कंपनी का करोबार चलता है.

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