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खगड़िया में पांव पसारता ही जा रहा डेंगू,नित्य सामने आ रहे नये मरीज

लाइव खगड़िया : जिले में डेंगू अपना पांव पसार चुका है और नित्य नये डेंगू बुखार से पीड़ित मरीज सामने आ रहे हैं. हलांकि वक्त पर इस बीमारी की पहचान और सही इलाज से हालात को काबू में किया जा सकता है. लेकिन शुरुआत में सामान्य सी लगने वाली यह बुखार देरी या गलत इलाज से जानलेवा भी साबित हो सकता है. ऐसे में सतर्कता बेहद ही जरूरी है. विशेषज्ञ चिकित्सक डेंगू से बचाव और इलाज के बारे में कुछ यूं बताते हैं.

डेंगू कैसे होता है

डेंगू मादा एडीज इजिप्टी मच्छर के काटने से होता है. इन मच्छरों के शरीर पर चीते जैसी धारियां होती हैं. ये मच्छर अमूमन दिन में खासकर सुबह के वक्त काटते हैं. बरसात का मौसम इस मच्छरों के पनपने का अनुकूल परिस्थिति है. एडीज इजिप्टी मच्छर बहुत ऊंचाई तक नहीं उड़ पाता है.

डेंगू कैसे फैलता है 

डेंगू बुखार से पीड़ित मरीज के खून में डेंगू वायरस ज्यादा मात्रा में होता है. जब कोई एडीज मच्छर डेंगू के किसी मरीज को काटता है तो खून के साथ डेंगू वायरस भी मच्छर के शरीर में चला जाता है. जब डेंगू वायरस वाला वह मच्छर किसी और इंसान को काटता है तो वो डेंगू वायरस से पीड़ित हो जाता है.

कब दिखती है बीमारी

एडीज मच्छर के काटे जाने के करीब 3-5 दिनों के बाद मरीज में डेंगू बुखार के लक्षण दिखने लगते हैं. शरीर में बीमारी पनपने की मियाद 3 से 10 दिनों की भी हो सकती है.




डेंगू बुखार के प्रकार

यह तीन तरह का होता है

1. क्लासिकल (साधारण) डेंगू बुखार

2. डेंगू हैमरेजिक बुखार (DHF)

3. डेंगू शॉक सिंड्रोम (DSS)

इन तीनों में से डेंगू हैमरेजिक बुखार और डेंगू शॉक सिंड्रोम सबसे ज्यादा खतरनाक होता है. जिसका फौरन इलाज शुरू किया जाना जरूरी है. क्लासिकल साधारण डेंगू बुखार करीब 5 से 7 दिन तक रहता है और मरीज ठीक हो जाता है. ज्यादातर मामलों में इसी किस्म का डेंगू बुखार होता है.

डेंगू का लक्षण

साधारण डेंगू बुखार के लक्षण

ठंड लगने के बाद अचानक तेज बुखार चढ़ना

सिर, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द होना

आंखों के पिछले हिस्से में दर्द होना, जो आंखों को दबाने या हिलाने से और भी बढ़ जाता है

बहुत ज्यादा कमजोरी लगना

भूख न लगना और जी मितलाना

मुंह का स्वाद खराब होना

गले में हल्का सा दर्द होना

शरीर खासकर चेहरे, गर्दन और छाती पर लाल-गुलाबी रंग के रैशेज का होना

डेंगू हैमरेजिक बुखार (DHF) के लक्षण

नाक और मसूढ़ों से खून आना

शौच या उलटी में खून आना

स्किन पर गहरे नीले-काले रंग के छोटे या बड़े चकत्ते पड़ जाना

डेंगू शॉक सिंड्रोम (DSS) के लक्षण

इस बुखार में DHF के लक्षणों के साथ-साथ ‘शॉक’ की अवस्था के भी कुछ लक्षण दिखाई देते हैं. जिसमें मरीज बहुत बेचैन हो जाता है और तेज बुखार के बावजूद उसकी त्वचा ठंडी महसूस होती है. मरीज धीरे-धीरे होश खोने लगता है. मरीज की नाड़ी कभी तेज और कभी धीरे चलने लगती है और उसका ब्लड प्रेशर भी एकदम लो हो जाता है.




डेंगू का टेस्ट

अगर तेज बुखार हो, जॉइंट्स में तेज दर्द हो या शरीर पर रैशेज हों तो चिकित्सक की सलाह पर डेंगू का टेस्ट करा लेना चाहिए. डेंगू की जांच के लिए शुरुआत में एंटीजन ब्लड टेस्ट (एनएस 1) किया जाता है. यदि तीन-चार दिन के बाद टेस्ट कराते हैं तो एंटीबॉडी टेस्ट (डेंगू सिरॉलजी) कराया जाता है. डेंगू की जांच कराते हुए वाइट ब्लड सेल्स का टोटल काउंट और अलग-अलग काउंट करा लेना चाहिए। इस टेस्ट में प्लेटलेट्स की संख्या पता चल जाती है. यह टेस्ट खाली या भरे पेट दोनों ही स्थितियों में कराए जा सकते हैं.

प्लेटलेट्स की भूमिका 

आमतौर पर एक स्वस्थ्य व्यक्ति के शरीर में डेढ़ से दो लाख प्लेटलेट्स होते हैं. बताया जाता है कि प्लेटलेट्स बॉडी की ब्लीडिंग रोकने का काम करती हैं. यदि शरीर में प्लेटलेट्स एक लाख से कम हो जाएं तो उसकी वजह डेंगू हो सकता है. डेंगू का वायरस आमतौर पर प्लेटलेट्स कम कर देता है. प्लेटलेट्स गिरकर 20 हजार तक या उससे नीचे पहुंच जाएं तो प्लेटलेट्स चढ़ाने की जरूरत पड़ती है. 40-50 हजार प्लेटलेट्स तक अमूमन ब्लीडिंग नहीं होती है.

इलाज व परहेज

डेंगू बुखार होने पर चिकित्सक की सलाह लें

चिकित्सक की सलाह पर पैरासिटामोल लिया जा सकता है

एस्प्रिन की गोली बिल्कुल भी न लें. इससे प्लेटलेट्स कम हो सकता है

यदि बुखार 102 डिग्री फॉरेनहाइट से ज्यादा है तो मरीज के शरीर पर पानी की पट्टियां रखी जा सकती है.

मरीज को आराम की जरूरत




बेहद जरूरी

डेंगू में मरीज के शरीर में पानी की कमी नहीं आने देनी चाहिए. उन्हें पानी और अन्य तरल पदार्थ जैसे कि नीबू पानी, छाछ, नारियल पानी आदि भरपूर मात्रा में पिलाएं. याद रहे डेंगू मरीज को पूरा आराम जरूरी है.

डेंगू से बचने का उपाय

डेंगू से बचने के दो ही उपाय हैं. पहला एडीज मच्छरों को पैदा होने से रोकना और दूसरा एडीज मच्छरों के काटने से बचाव. मच्छरों को पैदा होने से रोकने के लिए घर या ऑफिस के आसपास पानी जमा न होने दें और रुकी हुई नालियों को साफ रखें. यदि जमा पानी को निकालना मुमकिन नहीं है तो उसमें पेट्रोल या केरोसिन ऑयल डालें. डेंगू के मच्छर साफ पानी में पनपते हैं, इसलिए पानी की टंकी को अच्छी तरह बंद रखें. मच्छरों को भगाने और मारने के लिए मच्छरनाशक क्रीम, स्प्रे, मैट्स, कॉइल्स आदि इस्तेमाल करें. गुग्गुल के धुएं से भी मच्छर को भगाया जा सकता है. सोते वक्त मच्छरदानी जरूर लगाएं. अगर किसी को डेंगू हो गया है तो उसे मच्छरदानी के अंदर रखें, ताकि मच्छर उसे काटकर दूसरों में बीमारी न फैला सके.



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