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गजाधर सलारपुरिया के पुण्यतिथि पर गरीबों के बीच वस्त्र व खाद्य सामग्रियां वितरित

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लाइव खगड़िया (मुकेश कुमार मिश्र) : जिले के परबत्ता प्रखंड के लगार पंचायत के बिशौनी गांव में मंगलवार को स्व. गजाधर सलारपुरिया की 17वीं पुण्य स्मृति के अवसर पर उनकी धर्म पत्नी शारदा देवी सलारपुरिया के वित्तीय सहायता से कौशल कुमार मिश्र उर्फ पप्पु मिश्र के द्वारा करीब सौ गरीब परिवारों के बीच साड़ी का वितरण किया गया. साथ ही तीन सौ से अधिक गरीबों के बीच चावल, दाल, नमक और आलू के पैकेट जैसे खाद्य सामग्रियों का वितरण हुआ.इस क्रम में प्रति परिवार को पांच किलो चावल, एक किलो दाल,एक किलो आलू तथा एक किलो नमक दिया गया.

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इसके पूर्व उदयपुर, बिशौनी, सलारपुर, खजरैठा के अति निर्धन परिवारों का चयन किया गया था. मौके पर धर्मेन्द्र मिश्रा उर्फ महंथजी, मनोज मिश्रा, प्रियम मिश्रा, सुमन पाठक, दीपनारायण मिश्र सहित कई अन्य लोग  मौजूद थे.

समृद्ध रहा है सलारपुरिया का इतिहास

सलारपुरिया ग्रुप के संस्थापक गजाधर जी सलारपुरिया का जन्म जिले के सलारपुर गांव के एक सम्पन्न किसान एवं व्यवसायी परिवार में हुआ था. चार्टर्ड एकाउंटेंट की पढाई के बाद उन्होंने सलारपुरिया जाजोदिया एण्ड कंपनी नामक एक फर्म का गठन किया. भागलपुर में इस कंपनी के द्वारा भागलपुर में रावतमल नोपानी छात्रावास भी बनाया गया था. साथ ही सलारपुर गांव में प्रतिष्ठित जगन्नाथ राम उच्च विद्यालय तथा मंदिर का भी निर्माण कराया गया। बाद के दिनों में कंपनी का विस्तार कलकत्ता तथा बंगलोर में हो गया. जहां कंपनी के द्वारा महाराजा अग्रसेन अस्पताल का निर्माण कराया गया.




वर्ष 1990 के दशक में सलारपुर से यह परिवार व्यवसाय की विस्तार के साथ गांव से स्थायी रूप से पलायन कर गये. लेकिन अपने क्षेत्र के प्रति उनका लगाव कम नहीं हुआ. शायद यही कारण रहा है कि आज भी क्षेत्र में समय-समय पर इस परिवार के द्वारा विभिन्न जनकल्याणकारी कार्यक्रम का संचालन के लिय धनराशि उपलब्ध कराते रहे हैं. इतना ही नहीं इस कंपनी में इलाके के कई युवाओं को नौकरी भी मिली है.

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इस बीच वर्ष 2003 में जी डी सलारपुरिया का निधन हो गया. लेकिन तबतक कंपनी विनिर्माण के क्षेत्र में बहुराष्ट्रीय कंपनी बन चुकी थी. आज देश के विभिन्न राज्यों के अलावा 20 देशों में कंपनी का करोबार चलता है. जो कि सलारपुर, बिशौनी सहित इलाके के लोगों के लिए गर्व की बात है.


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