लाइव खगड़िया (मुकेश कुमार मिश्र): राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित और जिले के परबत्ता प्रखंड स्थित कबेला गांव के निवासी चर्चित फिल्म समीक्षक विनोद अनुपम को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) का सदस्य नियुक्त किया गया है। केंद्र सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा बोर्ड के पुनर्गठन के तहत उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। तीन वर्षों के लिए गठित इस नई टीम में देश भर के कला, संस्कृति और सिनेमा जगत से जुड़ी कई प्रतिष्ठित हस्तियों को शामिल किया गया है। उनके इस मनोनयन से बिहार और खासकर खगड़िया में खुशी का माहौल है।
मूल निवास: खगड़िया जिले के परबत्ता प्रखंड का कबेला गांव (जन्म: जमालपुर, मुंगेर)।
शिक्षा: प्रारंभिक शिक्षा मुंगेर से: वर्ष 1984 में भागलपुर विश्वविद्यालय से हिंदी में स्नातकोत्तर और वर्ष 2000 में FTII पुणे से फिल्म पाठ्यक्रम पूरा किया।
उपलब्धियां: वर्ष 2002 में 49वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में ‘सर्वश्रेष्ठ फिल्म समीक्षक’ का सम्मान। इसके अलावा अगस्त 2024 में बिहार राज्य फिल्म विकास वित्त निगम के मुख्य परामर्शी भी बनाए गए थे।
नया दायित्व: सीबीएफसी सदस्य के रूप में वे फिल्मों के सार्वजनिक प्रदर्शन से पहले प्रमाणन (सेंसर) प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाएंगे।
क्या है विनोद अनुपम की प्रतिक्रिया?
नई जिम्मेदारी मिलने पर विनोद अनुपम ने कहा कि सीबीएफसी का सदस्य बनना उनके लिए गर्व का विषय है। वर्तमान समय में सिनेमा के साथ ओटीटी पर भी लगातार नए कंटेंट आ रहे हैं, जिससे बोर्ड की जवाबदेही काफी बढ़ गई है। उनका मुख्य प्रयास यह रहेगा कि दर्शकों तक उच्च गुणवत्ता वाली और सार्थक फिल्में पहुंच सकें।
स्थानीय कलाकारों और प्रबुद्धजनों ने भी उनकी इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा है कि उनकी सिनेमा की गहरी समझ और अनुभव का लाभ राष्ट्रीय स्तर पर फिल्म प्रमाणन प्रक्रिया को मिलेगा।





