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चूहा-बिल्ली के खेल में सड़क पर मौत का तांडव, पैदल चलने वाला भी सुरक्षित नहीं

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लाइव खगड़िया : शायद देव को पता नहीं था कि जिस राह पर चल वो अपने गंतव्य तक पहुंचना चाह रहा है, उस मार्ग पर चूहे और बिल्ली का खेल चलता है और खेल-खेल में उस मार्ग से गुजरने वाली कुछ गाड़ियां मौत बनकर नाचने लगती है. गुरूवार की सुबह देव को ऐसे ही एक वाहन का सामना करना पड़ा और उन्हें अपनी जान गंवानी पड़ी. 18 वर्षीय देव कुमार जिले के नगर थाना क्षेत्र के बलुआही निवासी संजीत साह का पुत्र था और वो पैदल ही बलुआही बस स्टेंड के समीप एनएच-31 का बूढ़ी गंडक पुल पार कर रहा था. इसी दौरान बालू लदा एक ट्रक ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया और मौके पर ही उनकी मौत हो गई.

प्रत्यदर्शियों की मानें तो एनएच 31 पर दुर्गापुर की ओर से बालू लदा ट्रक को खनन विभाग की गाड़ी पीछा कर रहा था और खनन विभाग के पदाधिकारी से बचने के लिए ट्रक चालक अपनी वाहन को काफी तेज भगा रहा था. इसी दौरान पुल पर ट्रक एक वाहन को जैसे ही ओवरटेक कर आगे निकलना चाहा कि सामने एक बारात गाड़ी आ गई. जिससे बचने के क्रम में ट्रक ने पुल के पुटपाथ पर चल रहे देव को अपनी चपेट में ले लिया. बताया जाता है कि दुर्घटना के बाद ट्रक का पीछा कर रही खनन विभाग की गाड़ी सीधा महेशखूंट की ओर निकल गई.

घटना के बाद आक्रोशित मृतक के परिजन और स्थानीय लोगों ने एनएच 31 को जाम कर दिया. आक्रोशित लोग खनन विभाग के पदाधिकारी पर कानूनी करवाई की मांग को लेकर नारेबाजी कर रहे थे. लोगों का आरोप था कि खनन विभाग एवं परिवहन विभाग के द्वारा अवैध वसूली का खेल चलता है. इस दौरान चलती गाड़ी पर डंडा चलाना और उसका पीछा करना आम बात है. बताया जाता है कि एक दिन पहले भी सुबह गंडक पुल पर इस तरह की ही घटना होते होते बची थी, जब भागती एक ट्रक का स्कॉर्पियो से टक्कर होने से बचा था.

इधर सड़क जाम की सूचना पर मौके पर पहुंचे पूर्व वार्ड पार्षद रणवीर कुमार, उप विकास आयुक्त संतोष कुमार, सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सुमित कुमार, नगर थानाध्यक्ष विनोद कुमार सिंह को जाम हटाने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी. वहीं अंचल अधिकारी के द्वारा राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के तहत मृतक के पिता को दस हजार रुपये दिया गया. साथ ही पूर्व वार्ड पार्षद रणवीर कुमार की पहल पर मृतक के परिजनों को दाह संस्कार के लिए कबीर अंत्योष्टि योजना के तहत तीन हजार रुपये दिया गया.

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